मानहानि केस में सुखबीर बादल चंडीगढ़ कोर्ट में पेश:8 साल पुराने मामले में हुई सुनवाई, पहले गैर-जमानती वारंट भी हो चुके जारी
- DSS Admin
- May 12, 2026
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल मंगलवार को 8 साल पुराने मानहानि मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश हुए। मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इससे पहले उनकी ओर से पेशी से छूट की अर्जी दायर की गई थी, जिसमें पारिवारिक कारणों से पंजाब से बाहर होने का हवाला दिया गया था। हालांकि बाद में वह अदालत पहुंच गए और सुनवाई में शामिल हुए। यह मामला वर्ष 2017 का है। अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता और मोहाली निवासी राजिंदर पाल सिंह ने सुखबीर बादल के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत भारतीय दंड संहिता की धारा 499 के तहत दायर की गई थी। शिकायत के मुताबिक, 4 जनवरी 2017 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजिंदर पाल सिंह के आवास पर जाने के बाद सुखबीर बादल ने मीडिया में बयान दिया था। आरोप है कि उन्होंने अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का राजनीतिक मोर्चा बताया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बयान से संगठन की छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा। पहले जारी हो चुके गैर-जमानती वारंट अदालत के आदेश के बावजूद 17 दिसंबर 2025 को सुखबीर बादल पेश नहीं हुए थे। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल गर्ग की अदालत ने उनकी जमानत रद्द करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। सख्त कार्रवाई की आशंका के बाद सुखबीर बादल बाद में अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें दोबारा जमानत मिल गई थी। हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत इस मामले को रद्द कराने के लिए सुखबीर बादल ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद से मामला चंडीगढ़ जिला अदालत में ही चल रहा है। पहले भी मांग चुके हैं पेशी से छूट इससे पहले 2 फरवरी 2026 की सुनवाई के दौरान भी सुखबीर बादल ने अदालत में पेशी से छूट मांगी थी। उस समय उन्होंने अमृतसर में पार्टी की अहम बैठक का हवाला दिया था। अर्जी में कहा गया था कि अगर वह बैठक में शामिल नहीं होते तो दूर-दराज से आए पार्टी कार्यकर्ताओं को बिना किसी नतीजे के लौटना पड़ता। साथ ही यह भी कहा गया था कि उनकी गैरहाजिरी जानबूझकर नहीं है और वह अगली तारीख पर अदालत में पेश होंगे।

