हरियाणा में 94 हजार महिलाओं की हो रही रियल-टाइम यात्रा निगरानी
- DSS Admin
- May 17, 2026
-कामकाजी महिलाओं व लड़कियों ने डायल 112 पर किया पंजीकरण
-पुलिस का दावा, महिला अपराधों में 38 प्रतिशत की गिरावट
चंडीगढ़, 17 मई (हि.स.)। हरियाणा में 94 हजार से अधिक कामकागी महिलाओं तथा छात्राओं ने खुद को डायल 112 पर पंजीकृत करवाया गया है। हरियाणा 112 के तहत ट्रिप मॉनिटरिंग सेवा महिलाओं को राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र के साथ अपनी यात्रा की जानकारी साझा करने की सुविधा दे रही है। इतना ही नहीं प्रदेश में इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों का रिस्पांस टाइम फरवरी माह में 9 मिनट 32 सेकंड दर्ज किया गया है। इससे मैट्रो शहरों, कॉल सेंटरों तथा अन्य कार्य स्थलों से देररात लौटाने वाली महिलाओं तथा छात्राओं को घर से बाहर रहते हुए भी पुलिस की सुरक्षा मिलती है।
हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने रविवार को जारी जानकारी में बताया कि एक महिला सबसे ज़्यादा असुरक्षित कहां है। घर पर, काम पर, सफर में या अदालत में,फिर हमने इन तमाम जगहों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए कारगर कदम उठाए। पुलिस के अनुसार, महिलाओं को रोज़मर्रा की जिंदगी के हर पड़ाव पर अलग-अलग खतरों का सामना करना पड़ सकता है। हरियाणा पुलिस ने घर पर, काम की जगह पर, सफर के दौरान और कानून के समक्ष, इन चारों मोर्चों पर खतरों से निपटने के लिए एक तकनीक को अपनाया है।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि दुर्गा शक्ति मोबाइल ऐप एक बटन दबाते ही हरियाणा 112 से जुड़ी आपात सुविधा देता है, जबकि दुर्गा शक्ति रैपिड एक्शन फोर्स की 24 कंपनियाँ, 50 समर्पित पैट्रोलिंग वाहन सार्वजनिक स्थानों और परिवहन गलियारों पर गश्त करते हैं।हरियाणा पुलिस ने आज यहां जारी जानकारी में दावा किया महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। 2024 के 13,945 मामलों से घटकर 2025 में 8,723 मामले रह गए। पुलिस के अनुसार बलात्कार के मामले वर्ष 2021 में 1,716 से घटकर 2025 में 1,033 रह गए, और दर 12.33 से गिरकर 7.06 प्रति लाख महिला आबादी पर आ गई। इसी अवधि में अपहरण के मामले 2,958 से घटकर1,249 हुए। पारिवारिक क्रूरता के मामले 5,755 से4,562 पर आ गए। यह सब तब हुआ जब महिलाओं की आबादी 2021 में 139.2 लाख से बढक़र 2025 में 146.3 लाख हो गई। पुलिस के मनोबल को महिलाओं से जुड़े मामलों के 98 प्रतिशत निपटारे ने भीउत्साहित किया। बलात्कार और छेड़छाड़ सहित गंभीर अपराधों में बीते पांच सालों में लगातार कमी आई।
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