सागर में अवैध उर्वरक भंडारण का खुलासा, 500 बोरी खाद जब्त; दो कारोबारियों पर एफआईआर दर्ज
- DSS Admin
- Jun 29, 2026
सागर, 29 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में अवैध खाद और उर्वरक के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए सागर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने खुरई रोड स्थित ग्राम गढ़ौली खुर्द और कुडारी क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई कर अवैध रूप से भंडारित 500 बोरी उर्वरक जब्त किया है। मामले में कैंट थाना पुलिस ने दो उर्वरक कारोबारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक शिवकांत सिंह राजपूत को सूचना मिली थी कि ग्राम कुडारी में एक मकान में बड़ी मात्रा में बिना अनुमति और दस्तावेजों के उर्वरक रखा गया है। सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान टीम ने पाया कि एक ट्रक से उर्वरक की बोरियां उतारकर मकान में रखी जा रही थीं। मौके से टीम ने 500 बोरी बेंटोनाइट ग्रेन्यूल्स उर्वरक जब्त किया, जिसका कुल वजन करीब 25 हजार किलोग्राम (25 टन) बताया गया है। इनमें 230 बोरियां ट्रक में और 270 बोरियां मकान के अंदर रखी मिलीं।
जब अधिकारियों ने मौके पर मौजूद प्रदीप साहू से उर्वरक के भंडारण, खरीदी और परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए उर्वरक और ट्रक को जब्त कर लिया।
कृषि विभाग की शिकायत पर कैंट थाना पुलिस ने सोमवार को मेसर्स मां हरसिद्धि एग्रो ट्रेडर्स के संचालक प्रदीप साहू निवासी सागर और सहदेव फर्टिलाइजर्स, भावनगर (गुजरात) के प्रोपराइटर महेश रामजी भाई चौहान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3, 7 तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जब्त उर्वरक की कीमत करीब 1.25 लाख रुपये और ट्रक की कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है। उर्वरक के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता और वैधता की पुष्टि की जा सके।
इस कार्रवाई में कृषि विभाग के अनुविभागीय कृषि अधिकारी अनिल राय, एडीए अंकित रावत, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आरडी लडिया, उप संचालक कार्यालय के भूपेंद्र राजपूत, कृषि विकास अधिकारी शिवकांत राजपूत सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका रही।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में अवैध उर्वरक भंडारण, बिना लाइसेंस कारोबार और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

