किसानों का 4 जुलाई को चंडीगढ़ कूच:बरनाला में मांगों को लेकर पक्का मोर्चा लगाने का ऐलान, मान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पंजाब के किसान संगठन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 4 जुलाई को चंडीगढ़ में विशाल विरोध प्रदर्शन और पक्का मोर्चा लगाएंगे। यह घोषणा भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहा) और भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) ने की है। इस संबंध में बरनाला में दोनों संगठनों की एक विशेष राज्य स्तरीय बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें पंजाब के किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की गई। जत्थेबंदियों के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहा और मनजीत सिंह धनेर ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बदलाव का दावा करने वाली सरकार ने किसानों की जायज मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। हक मांगने पर अन्नदाताओं और बेरोजगार युवाओं पर आंसू गैस और लाठियां बरसाई जा रही हैं। किसान नेता बोले- किसान आत्महत्या करने को मजबूर किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्ज के भारी बोझ और फसलों के उचित दाम न मिलने के कारण पंजाब के किसान आज भी आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उनका कहना था कि सरकार जन-विरोधी नीतियों को बढ़ावा देकर कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने केंद्र के बिजली संशोधन बिल, बीज एक्ट और मनरेगा को खत्म करने की साजिश पर पंजाब सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। डीजल, पेट्रोल, खाद और घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों ने किसानों-मजदूरों की कमर तोड़ दी है। किसान नेता झंडा सिंह जेठूके और गुरदीप सिंह रामपुरा ने मांग की कि किसानों को कर्ज के जाल से निकालने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना शुरू की जाए और सहकारी सोसायटियों की कर्ज सीमा बढ़ाई जाए। मान सरकार द्वारा लिमिट बढ़ाने के फैसले को वापस लेने की निंदा करते हुए उन्होंने पुराना सर्कुलर तुरंत बहाल करने की मांग की। नेताओं ने विश्व बैंक के इशारे पर पानी का निजीकरण रोकने, नहरी पानी का हक देने और पेंडिंग ट्यूबवेल कनेक्शन तुरंत जारी करने की मांग उठाई। इस दौरान कुलवंत सिंह किशनगढ़, शिंगारा सिंह मान, जगतार सिंह कालाझाड़ और गुरदेव सिंह मांगेवाल भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

   

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