शोध व उद्योग में तालमेल को दिया बढ़ावा

भास्कर न्यूज | जालंधर डॉ. बी.आर. अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जालंधर में मेडिकल इम्प्लांट्स के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन नैनो फिनिशिंग लैब से इंडस्ट्री तक विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य मेडिकल इम्प्लांट्स से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी देना और इस क्षेत्र में शोध व उद्योग के बीच बेहतर तालमेल को बढ़ावा देना था। संस्थान के डायरेक्टर प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने कार्यशाला के लिए शुभकामनाएं दीं। उद्घाटन समारोह मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के कॉन्फ्रेंस रूम में हुआ। इसमें विभागाध्यक्ष डॉ. दुष्यंत सिंह, डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) प्रो. रोहित मेहरा, डीन (एकेडमिक्स) प्रो. रमन बेदी, डॉ. सौरभ कांगो, आयोजन संयोजक डॉ. हरप्रीत सिंह, विशेषज्ञ वक्ता, फैकल्टी सदस्य, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान कृत्रिम जोड़, हड्डियों सहित विभिन्न मेडिकल इम्प्लांट्स के निर्माण और उनकी गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रयोगशाला में विकसित नई तकनीकों को उद्योग तक कैसे पहुंचाया जाए और बड़े स्तर पर उत्पादन के दौरान आने वाली चुनौतियों का समाधान कैसे किया जा सकता है।सत्रों में यह भी बताया गया कि नैनो फिनिशिंग तकनीक की मदद से मेडिकल इम्प्लांट्स की सतह को बेहतर बनाकर उनकी उम्र बढ़ाई जा सकती है। इससे घिसाव और जंग लगने जैसी समस्याएं कम होती हैं। साथ ही ऐसे इम्प्लांट्स विकसित करने पर भी चर्चा हुई।

   

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