गांव के ट्रांसफार्मर से दिया कनेक्शन:लो-वोल्टेज' से 150 घरों में फुंके पंखे-फ्रिज, ग्रामीणों ने डीसी ऑफिस को घेरा

भास्कर न्यूज | लुधियाना गांव ऊंची मंगली में दलित भाईचारे के साथ हो रहे कथित पक्षपात, धक्काशाही और बिजली की भारी किल्लत का मामला बेहद गरमा गया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर गांव के पीड़ित परिवारों और इलाका निवासियों ने पहले रात के समय रामगढ़ रोड पर लंबा जाम लगाकर रोष प्रदर्शन किया और आज भारी संख्या में एकत्रित होकर मिनी सचिवालय स्थित डिप्टी कमिश्नर दफ्तर पहुंचे। ग्रामीणों ने डीसी साहब को मांग-पत्र सौंपकर इंसाफ की गुहार लगाई और चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान न हुआ तो तीखा संघर्ष शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कमलजीत सिंह, राज कुमार, जसप्रीत कौर, जगतार सिंह और दविंदर सिंह ने बताया कि गांव में बिजली की समस्या राजनीतिक शह पर पैदा की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के पास काटी जा रही एक अवैध कॉलोनी को नियमों के खिलाफ जाकर इस गांव के ट्रांसफार्मर से बिजली का कनेक्शन दे दिया गया है। अवैध कॉलोनी को कनेक्शन देने की वजह से गांव के ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड (ज्यादा भार) बढ़ गया है। नतीजा यह है कि इलाके के करीब 150 घरों में इतनी कम (लो) वोल्टेज आ रही है कि पीने के पानी की मोटर तक नहीं चल पा रही है। भीषण गर्मी में लो-वोल्टेज और बार-बार आ रहे फॉल्ट के कारण लोगों के पंखे, फ्रिज, कूलर और एसी जैसे महंगे उपकरण जलकर पूरी तरह कबाड़ हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत बिजली बोर्ड (पॉवरकॉम) के अधिकारियों से भी की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा अधिकारी अवैध कॉलोनी को शह दे रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर को दिए गए मांग-पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की सरपंच कुलदीप कौर हैं, लेकिन उनका पति अवतार सिंह भूरू खुद को सरपंच बताकर पंचायत के सभी कामों में जबरन दखलअंदाजी करता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवतार सिंह भूरू दलित समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव करता है और उनके खिलाफ बेहद गलत और अमर्यादित शब्दावली (अपशब्दों) का इस्तेमाल करता है। सरपंच पति के इसी अड़ियल और तानाशाही रवैये से परेशान होकर वार्ड नंबर 01 की पंच दलजीत कौर और वार्ड नंबर 05 के पंच शरनजीत सिंह ने अपनी ही पंचायत से इस्तीफा देने की लिखित तौर पर घोषणा कर दी है, क्योंकि प्रशासन के पास बार-बार शिकायत करने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि राजनीतिक रंजिश और द्वेष के चलते बिना किसी कारण के उनके इलाके की बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई थी। भीषण गर्मी के मौसम में बिजली कटने और उपकरण जलने के कारण बच्चों और बुजुर्गों का बुरा हाल हो गया। इसी प्रशासनिक लापरवाही और सरपंच पति की धक्काशाही से नाराज होकर पूरी कॉलोनी के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कल रात को ही ‘रामगढ़ रोड' पर धरना देकर चक्का जाम कर दिया था। भारी हंगामे के बाद रात करीब 1:00 बजे बिजली सप्लाई बहाल करवाई जा सकी। डीसी दफ्तर पहुंचे ग्रामीण। डीसी दफ्तर पहुंचे ग्रामीणों ने मांग की है कि अवतार सिंह भूरू की पंचायत के कामों में दखलअंदाजी को तुरंत बंद करवाया जाए, ओवरलोड की समस्या को ठीक कर अवैध कनेक्शन काटे जाएं और दोषियों के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज किया जाए। इस मांग-पत्र की प्रतियां कैबिनेट मंत्री पंजाब (हरदीप सिंह मुंडियां) और चेयरमैन एससी कमीशन पंजाब (चंडीगढ़) को भी उचित कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। डीसी दफ्तर के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर बिजली विभाग (पॉवरकॉम) के एसडीओ नवजोत सिंह ने विभाग का पक्ष रखते हुए ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है। एसडीओ नवजोत सिंह ने बताया कि उक्त कॉलोनी और इस गांव के लिए एक ही ट्रांसफार्मर लगा हुआ है और इसी सिंगल ट्रांसफार्मर से दोनों जगहों पर बिजली की सप्लाई जाती है। उन्होंने बताया कि गांव के इन लोगों ने खुद ही दूसरी कॉलोनी की तरफ जाने वाली बिजली की तारों का कनेक्शन जबरन काट दिया था। इसी वजह से कानून-व्यवस्था और तकनीकी खराबी को देखते हुए विभाग को दोनों कॉलोनियों की बिजली बंद करनी पड़ी थी। एसडीओ ने साफ शब्दों में कहा, "अगर गांव में लो-वोल्टेज या बिजली की कोई अन्य तकनीकी समस्या आ रही है, तो विभाग उसे पूरी तरह ठीक कर देगा। मगर किसी भी नागरिक या ग्रामीण द्वारा बिजली विभाग की तारों को हाथ लगाना या किसी दूसरी जगह का कनेक्शन काटना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।

   

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