मोगा में आवारा कुत्तों का हमला, एक की मौत:खेत में काम करते समय अचानक झुंड का हमला, चार घायल, किसान ने भागकर बचाई जान
- Neha Gupta
- Jul 07, 2026
मोगा जिले के कपूरे गांव में आवारा और हिंसक कुत्तों के हमले की घटनाएं खतरनाक स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ताजा मामले में गांव के रहने वाले रूप सिंह नामक व्यक्ति पर 14 से 15 खूंखार आवारा कुत्तों के एक बड़े झुंड ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। घटना के वक्त रूप सिंह गांव में ही एक पार्क के निर्माण स्थल पर अपने अन्य साथियों के साथ मजदूरी का काम कर रहे थे। कुत्तों को अपनी तरफ आक्रामक रूप से बढ़ता देख रूप सिंह और उनके साथियों में अफरा-तफरी मच गई। रूप सिंह ने वहां से किसी तरह भागकर अपनी जान तो बचा ली, लेकिन कुत्तों के नोचने और भागने के चक्कर में वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। एक सप्ताह के भीतर एक मजदूर की मौत और कई लोग हुए लहूलुहान कपूरे गांव के निवासियों के अनुसार, पिछले महज एक सप्ताह के भीतर कुत्तों के इन हमलों ने एक व्यक्ति की जान ले ली है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बीते 28 जून को खेतों में काम करने वाले एक गरीब मजदूर सरबजीत सिंह को आवारा कुत्तों ने बुरी तरह नोंच-नोंचकर मौत के घाट उतार दिया था। इस दर्दनाक मौत के गम से गांव अभी उबरा भी नहीं था कि 5 जुलाई को रनजोत सिंह नामक जमींदार के खेतों में काम करने वाले एक अन्य प्रवासी मजदूर को भी इन कुत्तों ने काटकर लहूलुहान कर दिया। इसके अलावा बीते कल भी एक स्थानीय किसान खेतों की तरफ गया था, जिस पर कुत्तों ने हमला किया और उसने बमुश्किल दौड़कर अपनी जान बचाई। प्रशासनिक अनदेखी से ग्रामीणों में गुस्सा, सुरक्षा की गुहार गांववासियों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि लगातार हो रहे इन खौफनाक हादसों और एक मजदूर की मौत हो जाने के बावजूद अब तक सरकारी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। गांव के बच्चों, बुजुर्गों और विशेषकर खेतों में काम करने वाले मजदूरों का अब घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से बेहद कड़े शब्दों में मांग की है कि इस गंभीर समस्या का तुरंत और स्थायी समाधान निकाला जाए, आवारा कुत्तों को पकड़कर शहर से दूर सुरक्षित स्थानों या शेल्टर होम में भेजा जाए और गांव के प्रत्येक नागरिक की जान-माल की सुरक्षा को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

