मोगा में लावारिस पशु से हादसे में एक और मौत:स्कूटरी सवार बुजुर्ग से टकराया गोवंश, NRI बेटे-बेटी के आने के बाद अंतिम संस्कार
- Neha Gupta
- Jul 02, 2026
पंजाब के मोगा जिले में लावारिस पशुओं के कारण होने वाले जानलेवा हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मोगा-फिरोजपुर रोड पर सामने आया है, जहां सड़क पर अचानक आए लावारिस पशु से टकराकर एक 62 वर्षीय स्कूटरी चालक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारी की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा 30 जून को गांव घल्लकलां के नजदीक हुआ। मृतक की पहचान 62 वर्षीय गुरदित सिंह के रूप में हुई है। गुरदित सिंह अपनी स्कूटरी से घल्लकलां से मोगा शहर की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वह सड़क पर बने एक भट्ठे के पास पहुंचे, तो अचानक कुछ लावारिस पशु उनकी स्कूटरी के आगे आ गए। रफ्तार में होने के कारण स्कूटरी सीधे पशु से जा टकराई। इलाज के दौरान तोड़ा दम, बच्चे विदेश से लौटे टक्कर इतनी जोरदार थी कि गुरदित सिंह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्मों का ताव न सहते हुए इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। थाना सदर के सहायक थानेदार दर्शन सिंह कोकरी ने बताया कि गुरदित सिंह के बेटे और बेटी विदेश में रहते हैं, इसलिए उनके आने तक शव को सुरक्षित रखने के लिए गांव सिंघावाला के शवगृह (मोर्चरी) में रखवाया गया था। कानूनी कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंपा शव थाना सदर पुलिस के अनुसार "बच्चों के वतन वापस लौटने के बाद, मृतक के भतीजे सुखविन्द्र सिंह के बयानों के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई गई है। आज सिविल अस्पताल मोगा में शव का बकायदा पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए वारिसों के हवाले कर दिया गया है।" प्रशासन की नाकामी पर उठे सवाल इस दुखद घटना के बाद स्थानीय निवासियों में जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि मोगा और उसके आस-पास के हाईवे पर लावारिस पशुओं के कारण आए दिन भीषण सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन इन पशुओं को नियंत्रित करने या इन्हें गऊशालाओं में भेजने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। प्रशासन की इसी लापरवाही की कीमत बेकसूर नागरिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।

