पठानकोट में 'प्रेगाबालिन' दवा की खुली बिक्री पर लगाई पाबंदी:जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश; बिना पर्ची बिक्री पर रोक, नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

नशे के रूप में दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट पठानकोट डॉ. पल्लवी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत आदेश जारी करते हुए 'प्रेगाबालिन' (Pregabalin) सॉल्ट वाली दवाओं की खुली बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। 75mg से अधिक की डोज पर पूर्ण प्रतिबंध जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि प्रेगाबालिन फॉर्मूले के तहत आने वाले 150mg और 300mg के कैप्सूल या टैबलेट के भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जांच में सामने आया है कि लोग इस दवा का इस्तेमाल नशे के तौर पर कर रहे हैं, जबकि डॉक्टर या विशेषज्ञ (जैसे न्यूरोलॉजिस्ट या ऑर्थोपेडिशियन) आमतौर पर केवल 75mg तक की डोज ही लिखते हैं। विक्रेताओं के लिए कड़े निर्देश प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, थोक विक्रेताओं, रिटेलर्स, केमिस्टों और अस्पतालों के अंदर स्थित फार्मेसियों को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। बिना पर्ची बिक्री पर रोक: प्रेगाबालिन (75mg तक) को केवल डॉक्टर की मूल पर्ची दिखाने पर ही बेचा जा सकेगा। रिकॉर्ड बनाए रखना: केमिस्टों को इस दवा की खरीद और बिक्री का पूरा और सही रिकॉर्ड रखना होगा। मात्रा की जांच: विक्रेताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि दी जाने वाली गोलियों की संख्या डॉक्टर द्वारा लिखी गई जरूरत से अधिक न हो। स्टॉक सीमा: 75mg से अधिक की शक्ति (Potency) वाली दवा का स्टॉक रखना अब अवैध माना जाएगा। 7 जुलाई तक लागू रहेंगे आदेश जिला मजिस्ट्रेट डॉ. पल्लवी ने बताया कि ये आदेश 8 मई से 7 जुलाई 2026 तक लागू रहेंगे। इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

   

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