पूर्व मंत्री बागी कुमार वर्मा के निधन पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने जताया शाेक

पटना, 12 मई (हि.स.)। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री बागी कुमार वर्मा के निधन से राज्य के राजनीतिक गलियारे में शोक है। पूर्व मंत्री बागी कुमार वर्मा ने दिल्ली के एम्स में सोमवार देर रात अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनके लंबे समय तक निजी सहायक रहे जयंत बाबू ने की है। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना लाया जा रहा है, जहां मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका दाह संस्कार किया जाएगा।

पूर्व मंत्री बागी कुमार वर्मा के निधन पर जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा कि श्री वर्मा का निधन राज्य के सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है तथा उनके निधन से उत्पन्न रिक्तता की पूर्ति निकट भविष्य में संभव नहीं है।

प्रदेश अध्यक्ष ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को इस गहन दुख की घड़़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करें।

बागी कुमार वर्मा का राजनीतिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा। वे तीन बार विधायक निर्वाचित हुए, जिसमें दो बार मखदुमपुर और एक बार अरवल की कुर्था सीट का प्रतिनिधित्व किया। लालू प्रसाद यादव की सरकार में उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। वे समाजवादी विचारधारा के पुरोधा और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र नाथ वर्मा के पुत्र थे, जिससे उन्हें राजनीति विरासत में मिली थी।

बागी कुमार वर्मा ने 2014 में नीतीश कुमार की अगुवाई में जदयू के टिकट पर औरंगाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि वहां उन्हें सफलता नहीं मिली। 2019 में उन्होंने जदयू से इस्तीफा देकर वापस राजद का दामन थाम लिया और 2020 के विधानसभा चुनाव में कुर्था सीट से शानदार जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की। बागी कुमार वर्मा की भावज डॉ. कुमुद वर्मा वर्तमान में जदयू से विधान पार्षद हैं।

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