आतंकी मूसा के भाई समेत तीन कश्मीरी छात्रों को आज:देश के खिलाफ साजिश मामले में दोषी करार, आठ साल पहले जालंधर से हुई थी गिरफ्तारी

देश के खिलाफ आतंकी साजिश रचने के आरोप में दोषी करारआतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) से जुड़े तीन कश्मीरी स्टूडेंट्स को आज मोहाली की एनआईए की अदालत सजा सुनाएगी। इनमें एक दोषी आतंकी जाकिर मूसा का चचेरा भाई है, जबकि एक आरोपी सुहैल अहमद भट को कोर्ट ने बरी कर दिया है। जबकि तीन दोषियों जाहिद गुलजार (निवासी अवंतीपोरा, कश्मीर), यासिर रफीक भट और मोहम्मद इदरीस शाह (निवासी पुलवामा, कश्मीर) को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने दोषियों पर आईपीसी की धारा 121-A (देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), यूएपीए (UAPA), आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत आरोप तय किए। यह सारे जालंधर और मोहाली से अरेस्ट हुए थे। वहीं, अक्सर चंडीगढ़ आते जाते रहते थे। आठ साल पुराना है मामला यह मामला करीब दस साल पुराना है। पुलिस के पास सूचना थी कि जालंधर के कॉलेज में पढ़ रहे छात्र आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं। 10 अक्टूबर 2018 को पुलिस ने हॉस्टल के कमरे में अचानक छापा मारा। इस दौरान मौके से तीन कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार किया गया। इनमें जाहिद गुलजार (निवासी अवंतीपोरा, कश्मीर), यासिर रफीक भट (निवासी त्राल, कश्मीर - यह आतंकी जाकिर मूसा का चचेरा भाई है) और मोहम्मद इदरीस शाह (निवासी पुलवामा, कश्मीर) शामिल थे। आरोपियों के पास एक AK-56 राइफल, एक .30 बोर माउजर पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और 1 किलोग्राम विस्फोटक पाउडर (अमोनियम नाइट्रेट मिश्रण) बरामद हुआ। आतंकी लिंक आने पर एनआईए की एंट्री जैसे आतंकी लिंक आया तो जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि कश्मीर का आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद, जिसका प्रमुख जाकिर मूसा था, वह इसका मास्टरमाइंड है। वह पंजाब में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों का इस्तेमाल कर देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमलों की योजना बना रहा था। जैसे ही आतंकी लिंक सामने आया, तो मामले में एनआईए की एंट्री हुई। जांच के दौरान एनआईए ने एक और छात्र सुहैल अहमद भट को भी इस साजिश का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया। एनआईए ने गहन जांच के बाद मोहाली की विशेष अदालत में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इसमें वैज्ञानिक सबूत, मोबाइल फॉरेंसिक डेटा और टेलीग्राम चैट्स को मुख्य आधार बनाया गया। टेलीग्राम से ही सारा कामकाज चल रहा था। तीन दोषियों की यह प्रोफाइल यासीर रफीक भट्‌ट - यह इस मामले का सबसे चर्चित आरोपी है। वह कश्मीर के बेहद कुख्यात और मारे जा चुके आतंकी कमांडर जाकिर मूसा (Zakir Musa) का चचेरा भाई है। जाकिर मूसा 'अंसार गजावत-उल-हिंद' (AGH) संगठन का प्रमुख था। यासिर के परिवार का संबंध पुलवामा के नूरपोरा इलाके से है। वह जालंधर के प्राइवेट कॉलेज से पढ़ रहा था ।गिरफ्तारी के समय यासिर के परिवार (जिसमें उसकी बड़ी बहन और माता-पिता शामिल हैं) ने मीडिया के सामने दावा किया था कि उनका बेटा निर्दोष है और उसे सिर्फ जाकिर मूसा का भाई होने के कारण इस मामले में फंसाया गया है। जाहिद गुलजार - जाहिद गुलजार दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा का रहने वाला है। वह जालंधर के कॉलेज में बी-टेक (B.Tech) की पढ़ाई कर रहा था। उसके स्कूल के साथी और करीबी दोस्त भी इसी मामले में सह-आरोपी बने। उसकी गिरफ्तारी के समय मां हसीना बानो ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि उनका बेटा बेकसूर है। उन्होंने कहा था कि पुलिस के दावे आधारहीन हैं और कोई छात्र कश्मीर से इतनी दूर पंजाब के हॉस्टल में हथियार कैसे ले जा सकता है। मोहम्मद इदरीस शाह - वह पुलवामा जिले का रहने वाला है। वह और बाकी आरोपी छात्र बचपन में पुलवामा के नूरपोरा सीनियर हाई स्कूल में एक साथ पढ़ते थे, यानी ये सभी आपस में पुराने दोस्त और स्कूल के साथी थे।

   

सम्बंधित खबर