एनडीटीएल और एसजीटी विश्वविद्यालय के बीच समझौता, खेल विज्ञान और एंटी-डोपिंग शोध को मिलेगा बढ़ावा
- DSS Admin
- Jun 03, 2026
नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल), नई दिल्ली और श्री गुरु गोविंद सिंह त्रिशताब्दी (एसजीटी) विश्वविद्यालय, गुरुग्राम के बीच खेल विज्ञान, एंटी-डोपिंग अनुसंधान और खिलाड़ियों के कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत सरकार के स्वायत्त निकाय एनडीटीएल और एसजीटी विश्वविद्यालय के बीच यह साझेदारी खेलों में वैज्ञानिक शिक्षा, स्वच्छ खेल संस्कृति और शोध को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और खेलों में नैतिकता, वैज्ञानिक उत्कृष्टता तथा खिलाड़ियों के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
समझौते के तहत छात्रों और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, शोध परियोजनाओं, विशेषज्ञ व्याख्यान और अत्याधुनिक प्रयोगशाला प्रणालियों का अनुभव प्राप्त होगा। इसके साथ ही विश्लेषणात्मक परीक्षण, एंटी-डोपिंग विज्ञान, फोरेंसिक विश्लेषण और स्वास्थ्य परीक्षण से जुड़े क्षेत्रों में संयुक्त शोध एवं ज्ञान आदान-प्रदान कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
एनडीटीएल के निदेशक डॉ. पी. एल. साहू ने इस साझेदारी को वैज्ञानिक अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन निर्माण की दिशा में अहम बताया। उन्होंने कहा कि एनडीटीएल का उद्देश्य हमेशा भारत में खेलों की शुचिता बनाए रखना रहा है और विश्वविद्यालय के साथ यह सहयोग भविष्य के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को तैयार करने में मदद करेगा।
एसजीटी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हेमंत वर्मा ने कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और यह नवाचार, अनुभव आधारित शिक्षा तथा शोध आधारित शिक्षण की उनकी सोच के अनुरूप है। इससे छात्रों को आधुनिक तकनीकों और प्रयोगशाला प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
एनडीटीएल की संचालन एवं सामान्य निकाय के सदस्य तथा प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. वाई. के. गुप्ता ने कहा कि यह साझेदारी शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, संकाय विकास कार्यक्रम और छात्र इंटर्नशिप जैसे कई नए अवसर पैदा करेगी।
दोनों संस्थानों ने इस समझौते के माध्यम से वैज्ञानिक ज्ञान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कुशल स्वास्थ्य एवं शोध कार्यबल के विकास के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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