NEET UG 2026 परीक्षा रद्द:पेपर लीक की आशंका के चलते फैसला, CBI जांच करेगी; करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी
- DSS Admin
- May 12, 2026
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को हुई NEET 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा की नई डेट्स जल्द जारी की जाएंगी। NTA ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है। CBI करेगी पेपर लीक की जांच भारत सरकार ने फैसला किया है कि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगा ताकि इसमें लगाए गए आरोपों की व्यापक जांच की जा सके। NTA, ब्यूरो को पूरा सहयोग देगा और जांच के लिए आवश्यक सभी सामग्री, रिकॉर्ड और सहायता उपलब्ध कराएगा। NTA ने बताया है कि NEET (UG) 2026 परीक्षा को लेकर पहले 10 मई 2026 को एक प्रेस नोट जारी किया गया था। अब एजेंसी ने छात्रों, अभिभावकों और जनता को कुछ नए फैसलों की जानकारी दी है। 8 मई को शुरू हुई थी जांच NTA ने बताया कि 8 मई 2026 को ही इस मामले से जुड़ी कुछ जांचों को केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया था, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अब, जांच एजेंसियों से मिली जानकारी और सरकार की मंजूरी के बाद, NTA ने फैसला लिया है कि 3 मई 2026 को हुई NEET (UG) परीक्षा को रद्द किया जाता है और इसे दोबारा कराया जाएगा। नई परीक्षा की तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी। जांच एजेंसियों से मिले निष्कर्षों के आधार पर यह तय किया गया कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी नहीं रखा जा सकता था। इसलिए पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। गेस पेपर में मिले थे 600 नंबर के सवाल 3 मई को देशभर में NEET UG 2026 की परीक्षा हुई थी। आशंका है कि परीक्षा का पर्चा पहले ही लीक हो गया था। राजस्थान में कई स्टूडेंट्स के पास हाथ से लिखा हुआ गेस पेपर मिला है जिसके सवाल असल परीक्षा से मैच हो रहे हैं। 10 मई को राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने इंटेल इनपुट पर कार्रवाई करते हुए देहरादून, सीकर और झुंझुनू से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इसमें सीकर के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के जुड़े करियर काउंसकर भी शामिल हैं 720 में से 600 नंबर के सवाल कॉमन जांच में सामने आया है कि परीक्षा के 720 में से 600 नंबर के सवाल दो दिन पहले ही सीकर में छात्रों के पास पहुंच गए थे। दरअसल, एक गेस पेपर केरल के एक कॉलेज से MBBS कर रहे स्टूडेंट ने 1 मई को सीकर में अपने एक दोस्त को भेज दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक सीकर के एक पीजी संचालक को ये पेपर मिला, जिसने इसे अपने यहां रहने वाले स्टूडेंट्स को दे दिया। इस जरिए से ये अलग-अलग लोगों तक पहुंचा।

