बैरागीवाला हत्याकांड कानून-व्यवस्था की विफलता का गंभीर उदाहरण : गणेश गोदियाल
- DSS Admin
- Jun 15, 2026
देहरादून, 15 जून (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला में हुई हत्या की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश की कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया है। उन्होंने मृतक विनोद कश्यप के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि एक स्थानीय विवाद का हिंसक रूप लेकर हत्या और फिर तनावपूर्ण स्थिति में बदल जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि यदि संबंधित पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था तो स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। उनके अनुसार यह जानना आवश्यक है कि ऐसी कौन-सी चूक हुई, जिसके चलते हालात इतने गंभीर हो गए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अपराधी की कोई जाति, धर्म या राजनीतिक पहचान नहीं होती। उन्होंने हत्या में शामिल सभी आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि घटना के बाद भी आरोपित खुलेआम घूमते रहे,जैसा कि स्थानीय लोगों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है, तो यह पुलिस व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है। राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि घटना के शुरुआती घंटों में क्या कार्रवाई की गई और हालात नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस कानून के शासन और संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास रखती है। किसी भी कार्रवाई को न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही अंजाम दिया जाना चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिले और कोई निर्दोष प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि न्याय का स्थान प्रतिशोध की राजनीति नहीं ले सकती।
प्रदेशवासियों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास की रही है। कुछ तत्व इस दुखद घटना को सांप्रदायिक या राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर सकते हैं,इसलिए समाज को ऐसे प्रयासों से सतर्क रहना चाहिए।
गोदियाल ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध,भूमि विवादों से जुड़ी घटनाएं, संगठित आपराधिक गतिविधियां और अब बैरागीवाला जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने,दोषियों को शीघ्र कानून के कठघरे में लाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

