आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए 5 दिवसीय खोज-बचाव एवं वाटर रेस्क्यू प्रशिक्षण शुरू

हरिद्वार, 13 जून (हि.स.)। जनपद में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 5 दिवसीय खोज-बचाव, प्राथमिक उपचार एवं वाटर रेस्क्यू प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि इस प्रशिक्षण में आपदा मित्रों एवं ग्रामीण स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव, बाढ़ प्रबंधन, जलजनित आपदाओं से निपटने तथा वाटर रेस्क्यू की सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों की क्षमता का विकास करना है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में वे प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग कर सकें। साथ ही प्रतिभागियों को जनपद स्तर पर संचालित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम के माध्यम से त्वरित सूचना उपलब्ध कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।

मास्टर ट्रेनर मनोज कंडियाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 तथा जनपद में आईआरएस की भूमिका पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। वहीं, रविन्द्र कुमार ने प्रतिभागियों को आधुनिक बचाव तकनीकों, समुदाय आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण व आपदा के समय स्थानीय स्वयंसेवकों की भूमिका के बारे में जानकारी प्रदान की।

उद्घाटन सत्र में एनडीआरएफ के अमित गुप्ता, कमला, सचिन कुमार सहित आपदा प्रबंधन विभाग की टीम एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

   

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