कांवड़ मेले में भी नहीं मिलेगा रिंग रोड का लाभ, कुंभ से पहले पूरा होने की उम्मीद
- DSS Admin
- Jul 08, 2026
हरिद्वार, 08 जुलाई (हि.स.)। धर्मनगरी हरिद्वार को वर्षों पुरानी जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए बनाई जा रही बहुप्रतीक्षित रिंग रोड परियोजना का लाभ इस वर्ष कांवड़ मेले में भी नहीं मिल सकेगा। करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से बन रही परियोजना का प्रथम चरण एक बार फिर देरी का शिकार हो गया है।
बरसात के मौसम में खनन कार्य बंद होने और मिट्टी की उपलब्धता प्रभावित होने से निर्माण कार्य की रफ्तार धीमी पड़ गई है। अब अधिकारियों को उम्मीद है कि परियोजना का पहला चरण नवंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा और 2027 के कुंभ मेले से पहले यह मार्ग यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
हरिद्वार में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिंग रोड परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में बहादराबाद से श्यामपुर अंजनी चेक पोस्ट तक लगभग 15 किलोमीटर लंबा फोरलेन बाईपास बनाया जा रहा है। परियोजना का लगभग 77 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि करीब 9 किलोमीटर सड़क का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
यह मार्ग बहादराबाद से शुरू होकर सराय, जमालपुर, जगजीतपुर और कांगड़ी होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर अंजनी चेक पोस्ट तक पहुंचेगा। इसके शुरू होने के बाद बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन हरिद्वार शहर में प्रवेश किए बिना सीधे श्यामपुर और नजीबाबाद मार्ग की ओर जा सकेंगे, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव में बड़ी कमी आएगी।
परियोजना के तहत छह फ्लाईओवर और गंगा नदी पर एक बड़े सड़क पुल का निर्माण किया जा रहा है। गंगा पुल का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और इसे परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
निर्माण एजेंसी के अनुसार बरसात के कारण मिट्टी भराव का कार्य प्रभावित हुआ है। खनन सामग्री की कमी और लगातार बारिश के चलते निर्माण गतिविधियां अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। वर्ष 2023 में शुरू हुई इस परियोजना के पहले चरण को अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से समय सीमा लगातार आगे खिसकती रही।
तीन चरणों में बनेगी 55 किलोमीटर लंबी रिंग रोड
रिंग रोड परियोजना की कुल प्रस्तावित लंबाई करीब 55 किलोमीटर है। पहले चरण का निर्माण जारी है, जबकि दूसरे चरण में अंजनी चौकी से काली मंदिर क्षेत्र होते हुए नहर के ऊपर से मोतीचूर फ्लाईओवर तक मार्ग विकसित किया जाएगा। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है।
जनता की मांग है, यदि रिंग रोड इस वर्ष कांवड़ मेले से पहले तैयार हो जाती तो श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलती।

