उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के 34 गांवों की समस्याओं पर बनी कार्ययोजना

धमतरी, 03 जुलाई (हि.स.)। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 34 प्रभावित गांवों की वर्षों पुरानी मूलभूत समस्याओं के समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को नगरी जनपद पंचायत सभाकक्ष में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित हुई।

बैठक में कलेक्टर ने बताया कि अरसीकन्हार-रिसगांव सड़क निर्माण के प्रयास जारी हैं तथा बेलरगांव-बोरई सड़क स्वीकृत हो चुकी है। बारिश के दौरान जिन गांवों का संपर्क टूट जाता है, वहां पहले पुल और पुलिया का निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा मिल सके। स्टील ब्रिज सहित छोटे पुलों के निर्माण को भी प्राथमिकता में रखा जाएगा।

बैठक में विधायक सिहावा अंबिका मरकाम ने कहा कि उदंती-सीतानदी क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रहने वाले लोगों के विकास और उनके संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विधायक ने प्रशासन से विकास कार्यों में तेजी लाने, ग्रामीणों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने तथा वन संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कोर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थायी पक्के निर्माण की अनुमति नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों की सहमति और नियमानुसार कच्ची सड़कों का निर्माण कराया जा सकता है। क्षेत्र वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है, इसलिए विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। बैठक में क्रेडा अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 19 गांव सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत हैं। पहले 30 वाट क्षमता की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर 700 वाट करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था और उसे स्वीकृति भी मिल गई है। जिन गांवों में सोलर प्लांट की बैटरियां खराब थीं, उन्हें बदला जा चुका है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी गांवों का पुनः सर्वे कर आवश्यकतानुसार बैटरियां बदलने के निर्देश दिए।जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में बेहतर कार्य हुआ है तथा वन क्षेत्रों में भी कई आवास बनाए गए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं और संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सड़क और पुल निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने जानकारी दी कि पीएम जनमन योजना के तहत जिले में लगभग 100 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है तथा बेलरगांव और बोरई में दो नए पुलों का निर्माण शीघ्र कराया जाएगा। बैठक में जनपद अध्यक्ष महेश गोटा, पूर्व विधायक डा लक्ष्मी ध्रुव, श्रवण मरकाम, जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, एएसपी शैलेन्द्र पाण्डेय, एसडीएम प्रीति दुर्गम, जनपद पंचायत नगरी के सीईओ रोहित बोरझा, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

   

सम्बंधित खबर