आसनसोल में शगुन मैरिज हॉल विवाद खत्म, नगर निगम ने लिया कब्जा
- DSS Admin
- May 18, 2026
आसनसोल, 18 मई (हि. स.)। आसनसोल नगर निगम प्रशासन ने पूर्व मंत्री मलय घटक के करीबी पार्षद सीके रेशमा के कब्जे से शगुन मैरिज हाल को मुक्त कराया है। आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 23 स्थित शगुन मैरिज हॉल को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए मैरिज हॉल को अपने कब्जे में ले लिया।
आरोप था कि वार्ड 23 की पार्षद सीके रेशमा ने टेंडर नहीं मिलने के बावजूद अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर मैरिज हॉल पर कब्जा बनाए रखा था। इस मामले में नगर निगम ने हाल ही में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
सोमवार को नगर निगम के कानूनी सलाहकार सुदीप्त घटक और कार्यकारी अभियंता आर.के. श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए मैरिज हॉल को निगम के नियंत्रण में ले लिया।
वहीं, पार्षद सीके रेशमा ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि चार तारीख के बाद हुई घटनाओं के बाद वह अब किसी भी विवाद में शामिल नहीं होना चाहतीं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने स्वेच्छा से मैरिज हॉल की चाबी नगर निगम को लौटा दी है।
दूसरी ओर, नगर निगम के कानूनी सलाहकार सुदीप्त घटक और कार्यकारी अभियंता आर. के. श्रीवास्तव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि टेंडर में हॉल न मिलने के बावजूद राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर “आसनसोल वूमेन वेलफेयर एसोसिएशन” नाम से एक एनजीओ बनाकर अवैध रूप से कब्जा किया गया था। उन्होंने बताया कि जब मेयर विधान उपाध्याय के निर्देश पर पहले भी हॉल खाली कराने की कोशिश की गई थी, तब नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया गया था।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि अब इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। टेंडर न मिलने के बावजूद लंबे समय तक हॉल पर कब्जा रखने और वहां आयोजित कार्यक्रमों से लिए गए पैसों का हिसाब भी मांगा जाएगा। इसके लिए संबंधित पार्षद को नोटिस भेजा जाएगा।
जब अधिकारियों से पूछा गया कि क्या यह कार्रवाई राज्य में सत्ता परिवर्तन और अग्निमित्रा पाल के अर्बन डेवलपमेंट एंड म्युनिसिपल अफेयर्स मंत्री बनने के बाद संभव हो पाई, तो उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है। उनके अनुसार, पहले राजनीतिक प्रभाव के कारण आदेश होने के बावजूद कार्रवाई पूरी नहीं हो पा रही थी।
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