जींद : कैमिस्टों का बंद, आमजन परेशान, अस्पतालों में दवाई की खिड़की पर भीड़

रोष व्यक्त करते हुए कैमिस्ट।

जींद, 20 मई (हि.स.)। कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को जींद जिले भर में कैमिस्टों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दुकानें बंद रखी। इससे आम नागरिकों को दवाइयां खरीदने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि निजी अस्पतालों और नागरिक अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर तथा जन औषधि केंद्र खुले रहे। जहां दवाइयों की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले भर में कैमिस्टों की लगभग 70 प्रतिशत से अधिक दुकानें बंद रही।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार से लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर यह बंद किया गया है। इन मांगों में दवाइयों की कीमतों पर नियंत्रण, फार्मासिस्टों की सुरक्षा, अवैध रूप से चल रहे मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई और विभिन्न योजनाओं में कैमिस्टों को शामिल करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।

प्रधान अरविंद जैन ने कहा कि आल इंडिया के आवाहान पर कैमिस्टों ने अपनी-अपनी दुकानों को बंद रखा है। ऑनलाइन फार्मेसी को बंद किया जाए। ऑनलाइन फार्मेसी का कोई सिस्टम नही है। इसका कोई बिल नही आता है। इसमें नशे की दवाओं को भी ऑनलाइन सेल किया जाता है। जिला में लगभग 1300 कैमिस्टों की दुकानें हैं। जिनमें से एक हजार दुकानें बंद हैं। आपातकालीन दवाइयों के लिए ही कुछ दुकानें खुली रखी गई थी लेकिन सामान्य व्यवसाय बंद रखा गया है।

बंद के कारण बाजारों में मेडिकल स्टोरों के शटर बंद दिखे। मरीजों और उनके परिजनों को निजी अस्पतालों या दुकानों से दवाइयां खरीदने के लिए काफी दूर जाना पड़ा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए। कई लोगों ने बताया कि उन्हें महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ीं या फिर अस्पतालों तक पहुंचना पड़ा। नागरिक अस्पताल जींद में जन औषधि केंद्र पर सुबह से ही भीड़ नजर आई। सुनील कुमार ने कहा कि मेरी पत्नी की दवा खत्म हो गई थी। बाहर की दुकानें बंद थी। इसलिए यहां आना पड़ा। सुबह से लाइन लगी हुई है और काफी इंतजार के बाद ही दवा मिल पाई है। वो भी पूरी दवाएं नही मिली है।

नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कहा कि बंद के मद्देनजर अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया था ताकि मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराई जा सकें।

---------------

   

सम्बंधित खबर