मुंबई, 17 जून (हि. स.) । भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 'नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग एब्यूज़ प्रिवेंशन' लागू किया जा रहा है, जिसका मकसद देश में ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को रोकना, ड्रग्स के बुरे असर के बारे में जागरूकता फैलाना और नागरिकों को नशा मुक्त लाइफस्टाइल अपनाने के लिए बढ़ावा देना है। इसी के तहत, आज, 17 जून, 2026 को ज़िला परिषद, ठाणे ऑडिटोरियम में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत एक बड़े पैमाने पर नशा मुक्ति शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशा मुक्त समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहने का वादा किया।
इस उपक्रम में उप कार्यकारी अधिकारी (सामान्य प्रशासन ) अविनाश फड़तारे, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्राम पंचायत) प्रमोद काले, जिला स्वास्थ अधिकारी डॉ. गंगाधर पारगे, समाज कल्याण विभाग की प्रमुख उज्ज्वला सपकाले और बड़ी संख्या में जिला परिषद के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
इस स्कीम के तहत 15 अगस्त 2020 को शुरू किया गया 'ड्रग-फ्री इंडिया कैंपेन' अब देश के सभी जिलों में बढ़ा दिया गया है। हर साल, 26 जून को भारत सरकार के सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट मिनिस्ट्री द्वारा ड्रग्स के गलत इस्तेमाल और अवैध तस्करी के खिलाफ इंटरनेशनल डे के तौर पर मनाया जाता है। इस मौके पर, 'ड्रग-फ्री इंडिया कैंपेन - एक विकसित भारत की पहचान' के कॉन्सेप्ट पर आधारित अलग-अलग जागरूकता प्रोग्राम, एक्टिविटी, शपथ ग्रहण समारोह, पब्लिसिटी और प्रचार कैंपेन 17 जून से 26 जून 2026 तक लागू करने का निर्देश दिया गया है।
इस मौके पर ली गई शपथ में, हिस्सा लेने वालों ने यह संकल्प जताया, मैं किसी भी तरह की लत या नशीली चीज़ों का सेवन नहीं करूँगा। मैं ड्रग्स के बुरे असर के बारे में जागरूकता फैलाऊँगा और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करूँगा। मैं एक नशा-मुक्त, हेल्दी समाज बनाने के लिए कमिटेड रहूँगा और हम सब मिलकर एक नशा-मुक्त भारत बनाने में योगदान देंगे।
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