खाद सब्सिडी खत्म कर किसानों पर आर्थिक बोझ डाल रही सुक्खू सरकार : सुरेश कश्यप

शिमला, 20 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में डीएपी और एनपीके खाद पर दी जा रही 50 रुपये प्रति बोरी अतिरिक्त सब्सिडी बंद किए जाने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने इसे किसानों और बागवानों के साथ सीधा विश्वासघात बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार किसान विरोधी नीतियों पर उतर आई है और आर्थिक संकट का बोझ अब किसानों की जेब पर डाला जा रहा है।

सुरेश कश्यप ने बुधवार को एक बयान में कहा कि प्रदेश के किसान पहले ही प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती उत्पादन लागत, डीजल-पेट्रोल की महंगाई, मजदूरी संकट और मौसम की मार से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में खाद पर मिलने वाली राहत खत्म करना किसानों की परेशानियां और बढ़ाएगा।

उन्होंने कहा कि डीएपी और एनपीके खाद की प्रति बोरी 50 रुपये की बढ़ोतरी सीधे तौर पर खेती की लागत बढ़ाएगी, जिसका असर प्रदेश के लाखों किसान और बागवान परिवारों पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक खाद सब्सिडी को लेकर कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों ने यह संकेत दे दिए हैं कि अब नया स्टॉक बढ़ी हुई कीमतों पर ही मिलेगा। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार किसानों को राहत देने के बजाय लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने वाले फैसले ले रही है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि और बागवानी की बड़ी भूमिका है और प्रदेश के 9 लाख से अधिक परिवार इससे जुड़े हुए हैं।

सुरेश कश्यप ने प्रदेश में खाद की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई सहकारी समितियों और कृषि केंद्रों में समय पर खाद नहीं पहुंच रही है, जिससे किसानों को सीजन के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण किसान खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सिंचाई योजनाओं और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने जैसी योजनाओं के जरिए किसानों को राहत देने का काम कर रही है। लेकिन हिमाचल की कांग्रेस सरकार इन योजनाओं का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचाने में भी विफल रही है।

सुरेश कश्यप ने मांग की कि प्रदेश सरकार तुरंत डीएपी और एनपीके खाद पर दी जा रही 50 रुपये प्रति बोरी अतिरिक्त सब्सिडी बहाल करे, किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाए और खेती की लागत कम करने के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगी।

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