पटना में बीपीएससी टीआरई-4 वैकेंसी को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री ने जल्द विज्ञापन का दिया आश्वासन

पटना, 20 मई (हि.स.)। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की टीआरई-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा) की वैकेंसी जल्द जारी करने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी पटना में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने छात्र नेता रिंकल यादव को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश फैल गया।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बार-बार सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। छात्रों का आरोप है कि सरकार लगातार भर्ती प्रक्रिया में देरी कर रही है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। इसी नाराजगी के बीच आंदोलनकारियों ने थाली और बेलन के साथ सड़क पर उतरकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया और सरकार को “नींद से जगाने” की चेतावनी दी।

प्रदर्शन शुरू होने से ठीक पहले पुलिस ने छात्र नेता रिंकल यादव को हिरासत में ले लिया। रिंकल यादव पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रह चुके हैं। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से घसीटते हुए हिरासत में लिया, जिसके बाद वहां मौजूद छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई।

इस कार्रवाई के बाद धरना स्थल पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग किया। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की।

प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला अभ्यर्थियों के साथ भी पुलिस की सख्ती देखने को मिली। आरोप है कि धरना स्थल खाली कराने के दौरान कुछ महिला अभ्यर्थियों को जबरन हटाया गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में और ज्यादा नाराजगी फैल गई।

वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना उनकी प्राथमिकता है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

इस बीच राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है। सरकार टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर है और इसका विज्ञापन जल्द ही जारी किया जाएगा।

हालांकि मंत्री ने वैकेंसी जारी होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया में देरी जानबूझकर नहीं की जा रही है और सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आंदोलन के पीछे कुछ बाहरी तत्वों के सक्रिय होने की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग छात्रों को भड़काकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री के अनुसार सरकार इस पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की अराजकता को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, “सरकार इस पर काम कर रही है। छात्रों को उकसाया जा रहा है। इस प्रदर्शन में कुछ बाहरी लोग भी शामिल हैं।”

मंत्री ने यह भी कहा कि जब उन्होंने शिक्षा विभाग का कार्यभार संभाला था, उस समय भी अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा,“यह मेरे लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी कि उस दिन प्रदर्शन होने वाला है। मैं अपने कार्यालय में काम संभाल रहा था, तभी मीडिया के जरिए पता चला कि अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुआ है। इसके बाद मैंने तुरंत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की थी।”

प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और सरकार के बयानों के बीच पटना में तनाव का माहौल बना हुआ है। एक ओर अभ्यर्थी भर्ती में हो रही देरी को लेकर लगातार नाराज हैं, वहीं सरकार जल्द वैकेंसी जारी करने का आश्वासन दे रही है।

फिलहाल टीआरई-4 वैकेंसी की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों की बेचैनी बनी हुई है और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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