नई दिल्ली, 19 मई (हि.स.)। बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर लोगों के मोबाइल फोन हैक कर बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले साइबर ठगों के बड़े गिरोह का मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें फर्जी और खतरनाक एपीके तैयार करने वाला मास्टरमाइंड भी शामिल है। आरोपित देवरिया (उप्र) से पकड़ा गया है। उसके कब्जे से 11 मोबाइल फोन, कई डेबिट कार्ड, सिम कार्ड और क्रिप्टो हार्डवेयर वॉलेट बरामद किए गए हैं।
मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने मंगलवार को बताया कि मामले की शुरुआत 29 जुलाई 2025 को दर्ज एक शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पास एक कॉल आई, जिसमें खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर कहा गया कि यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो उसका बिजली मीटर काट दिया जाएगा। इसके बाद आरोपित ने व्हाट्सएप पर एक मोबाइल एप भेजा और उसे इंस्टॉल करने के लिए कहा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने एप डाउनलोड किया, साइबर ठगों ने उसके मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और अलग-अलग डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए 1 लाख 20 हजार 999 रुपये निकाल लिए। पुलिस उपायुक्त के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि यह एक एपीके फाइल था, जिसे खास तौर पर एंटी वायरस और सुरक्षा सिस्टम को चकमा देने के लिए तैयार किया गया था।
जांच के दौरान पहले गोरखपुर निवासी उमेश कुमार रजक को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद डिजिटल ट्रेल और टेलीग्राम चैट की जांच में एक टेलीग्राम आईडी सामने आई। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने देवरिया निवासी 25 वर्षीय अभय साहनी की पहचान की और उसे रविवार को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में अभय साहनी ने खुलासा किया कि वह टेलीग्राम चैनलों के जरिए साइबर ठगों को फर्जी एपीके बेचता था। वह हर एपीके के बदले करीब चार हजार रुपये लेता था। आरोपित ने बताया कि उसने केवल आठवीं तक पढ़ाई की है और यूट्यूब, टेलीग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से साइबर फ्रॉड और एपीके डेवलपमेंट सीखा। आरोपित ने यह भी कबूल किया कि उसने देशभर के साइबर ठगों को 40 से 50 मालवेयर एपीके बेचे और खुद भी 20 से 25 लोगों के साथ ठगी की वारदातों में शामिल रहा।
पुलिस ने आरोपित के कब्जे से पांच आईफोन, तीन गूगल पिक्सल फोन, तीन एंड्रॉयड फोन, 11 डेबिट कार्ड, आठ सिम कार्ड और एक क्रिप्टो हार्डवेयर वॉलेट बरामद किया है। इसके अलावा उसके भाई के नाम पर खरीदी गई एक कार भी जांच के दायरे में है।
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