अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सरगुजा में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनता के साथ किया योगाभ्यास
- DSS Admin
- Jun 21, 2026


अम्बिकापुर, 21 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की हृदयस्थली अम्बिकापुर आज एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी, जहां 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का महा-आयोजन पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। शहर के प्रतिष्ठित पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित इस गरिमामयी सामूहिक योग कार्यक्रम में सूबे के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
सुबह की पहली किरण के साथ ही पूरा मैदान ऊर्जा और उत्साह से भर गया, जब विष्णुदेव साय ने जनता के साथ योगाभ्यास किया। जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर की गई चाक-चौबंद तैयारियों का ही नतीजा था कि इस योग महोत्सव में उम्मीद से कहीं ज्यादा लोगों की भागीदारी देखी गई। भोर की ठंडी हवाओं के बीच हजारों की संख्या में पहुंचे नागरिकों ने जब एक सुर, एक ताल और एक लय में योग के विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया, तो ऐसा लगा मानो पूरा अम्बिकापुर एक सूत्र में पिरो गया हो।
इस महा-आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केवल मंच से औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि आम लोगों का हौसला बढ़ाते हुए योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का मजबूत संदेश दिया। उन्होंने पंडाल में मौजूद जनसैलाब को संबोधित करते हुए योग के जादुई फायदों को बेहद सरल शब्दों में रेखांकित किया। सीएम ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जिंदगी में योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुष्टि का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने लोगों को प्रेरित करते हुए बताया कि नियमित रूप से प्राणायाम और आसन करने से न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) मजबूत होती है, बल्कि यह दिल की बीमारियों, ब्लड प्रेशर और मानसिक अवसाद जैसी गंभीर समस्याओं को हमसे कोसों दूर रखता है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि हम रोज कुछ मिनट खुद को देंगे, तो एक स्वस्थ और ऊर्जावान समाज का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री के इस आत्मीय प्रयास और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों के लिए योग और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बेहद आसान हो गई है। सीएम विष्णुदेव साय ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य योग को महलों या खास आयोजनों से निकालकर गरीब, किसान, मजदूर और गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर स्थानीय स्तर तक योग प्रशिक्षकों (ट्रेनर्स) की उपलब्धता को आसान बनाया है, ताकि आम जनता बिना किसी आर्थिक बोझ के मुफ्त में सही मार्गदर्शन पा सके। जीवन को सरल और रोगमुक्त बनाने के इस सरकारी संकल्प ने लोगों के भीतर एक नया विश्वास जगाया है।
पीजी कॉलेज ग्राउंड में उमड़ा जबरदस्त जनसैलाब इस बात का जीता-जागता सबूत है कि अब योग छत्तीसगढ़ के जन-जन के संस्कारों में रच-बस गया है। कार्यक्रम के अंतिम दौर में जब हजारों हाथ एक साथ 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की कामना के लिए उठे, तो पूरा माहौल सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक का जोश इस आयोजन में देखते ही बनता था, जिन्होंने मुख्यमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर इस दिन को यादगार बना दिया। इस सफल और भव्य आयोजन ने न केवल सरगुजा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को देश के नक्शे पर योग क्रांति के एक नए केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। विदाई के वक्त हर चेहरे पर एक संकल्प साफ नजर आ रहा था कि आज से स्वस्थ रहने की यह मुहिम केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि साल के 365 दिन चलने वाली एक अनवरत जीवनशैली बनेगी।

