दिल्ली में नकली एमआरएफ ट्यूब का बड़ा रैकेट पकड़ा, क्राइम ब्रांच ने छह आरोपित दबोचे
- DSS Admin
- May 19, 2026
नई दिल्ली, 19 मई (हि.स.)। राजधानी में नामी कंपनियों के नाम पर नकली ऑटोमोबाइल ट्यूब बनाकर बाजार में बेचने वाले बड़े गिरोह का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के चांदनी चौक स्थित एसपी मुखर्जी मार्ग स्थित टायर मार्केट में देर रात छापेमारी कर छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित एमआरएफ और सीएस टायर जैसी कंपनियों के नाम पर नकली ट्यूब तैयार कर उन्हें असली बताकर बाजार में बेच रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकली एमआरएफ ट्यूब, फर्जी पैकिंग सामग्री, स्टांपिंग मशीन और अन्य सामान बरामद किया है।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने मंगलवार को बताया कि ईआर-1 टीम को सूचना मिली थी कि नोवेल्टी और फ्रेंड्स टायर मार्केट इलाके में नकली ऑटोमोबाइल ट्यूब तैयार कर बाजार में सप्लाई किए जा रहे हैं। इसके बाद इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने 16 और 17 मई की रात कई दुकानों और गोदामों पर एक साथ छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 1450 नकली एमआरएफ ट्यूब, 1072 फर्जी एपआरएफ प्रिंटेड पॉली पाउच, 100 सादे रबर ट्यूब और एक हैंड स्टांपिंग मशीन बरामद की। एमआरएफ और कैट कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर बरामद माल की जांच की और उसे नकली बताया। जांच में सामने आया कि ट्यूब घटिया गुणवत्ता वाले रबर से बनाए जा रहे थे और उन पर हाथ से नकली एमआरएफ की स्टांपिंग की जाती थी। इसके बाद उन्हें फर्जी कंपनी पैकिंग में पैक कर बाजार में असली उत्पाद बताकर बेचा जाता था।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार पुलिस जांच में मुख्य आरोपित के रूप में गगनदीप सिंह उर्फ गगन कालरा का नाम सामने आया है। वह अपने साथी मोहम्मद जाकिर के साथ मिलकर सादे रबर ट्यूब पर नकली ब्रांडिंग करता था। इसके बाद यह माल एसपी मुखर्जी मार्ग स्थित टायर मार्केट के दुकानदारों को सप्लाई किया जाता था। गिरफ्तार दुकानदारों में विनायक गुप्ता, दीपक गुप्ता, दिनेश गुप्ता और मनमीत सिंह शामिल हैं, जो कथित तौर पर नकली ट्यूब को असली MRF उत्पाद बताकर बेचते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की वजह से ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हो रही थी और घटिया गुणवत्ता वाले ट्यूब सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन रहे थे। नकली उत्पादों की बिक्री से कंपनियों और सरकार को भी आर्थिक नुकसान पहुंच रहा था।
पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि अधिकतर लेनदेन नकद में किए जाते थे। पुलिस अब नकली पैकिंग सामग्री और स्टांपिंग मशीन के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच में एक अन्य संदिग्ध गोदाम का भी पता चला है, जहां छापेमारी की तैयारी की जा रही है। क्राइम ब्रांच ने आरोपितों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट, धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। सभी छह आरोपितों को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
---------------

