बीमा की किस्तें कटती रहीं, खाते में नहीं पहुंचा पैसा, सब पोस्टमास्टर पर सीबीआई की एफआईआर
- DSS Admin
- Jun 15, 2026
शिमला, 15 जून (हि.स.)। चम्बा जिला के एक डाकघर में बीमा प्रीमियम जमा करने वाले ग्राहकों को शायद यह अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि उनकी ओर से जमा कराई गई कुछ रकम का पूरा हिसाब सरकारी खातों तक नहीं पहुंच रहा है। इस गड़बड़ी के आरोपों के बीच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चंबा के एक डाक कर्मचारी के खिलाफ सरकारी धन के गबन और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।
सीबीआई की शिमला स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार राजीव कुमार, जो उस समय चंबा जिले के सुल्तानपुर उप डाकघर में सब पोस्टमास्टर के पद पर तैनात थे, पर डाक जीवन बीमा (पीएलआई) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) से संबंधित धनराशि में गड़बड़ी करने का आरोप है। यह मामला चंबा मंडल के डाक अधीक्षक राजीव गुरंग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
एफआईआर में कहा गया है कि राजीव कुमार ने 15 नवंबर 2018 से 20 अप्रैल 2022 के बीच ग्राहकों से बीमा प्रीमियम और ऋण अदायगी की राशि नकद में प्राप्त की। आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों की पॉलिसियों में प्रीमियम जमा होने की प्रविष्टि तो कर दी, लेकिन संबंधित राशि को सरकारी लेखा प्रणाली में या तो दर्ज नहीं किया गया या कम दर्ज किया गया।
सीबीआई के मुताबिक प्रारंभिक जांच में मार्च 2019 से सितंबर 2021 के बीच 1 लाख 6 हजार 291 रुपये की सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आया है। एजेंसी का आरोप है कि इस धनराशि का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
जांच एजेंसी ने यह भी कहा है कि डाक विभाग की ओर से इस मामले में विभागीय कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा कुछ अन्य मामलों की भी विभागीय स्तर पर जांच चल रही है। ऐसे में जांच के दौरान कथित गबन की राशि बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सीबीआई ने राजीव कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत नियमित मामला दर्ज किया है। वर्तमान में वह चंबा प्रधान डाकघर में पोस्टल असिस्टेंट (एलएसजी) के पद पर कार्यरत हैं।
मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गड़बड़ी केवल एक लाख रुपये तक सीमित थी या जांच में इससे बड़े वित्तीय अनियमितता के तथ्य भी सामने आते हैं।
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