एक दिन में 170 जगह छापेमारी, चिट्टा और शराब बरामद, पांच लोग गिरफ्तार

शिमला, 20 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को एक ही दिन में 170 स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई प्रदेश के सभी जिलों में शैक्षणिक संस्थानों और पीजी आवासों के आसपास रहने वाले विदेशी नागरिकों तथा छात्रों के बीच मादक पदार्थों के दुरुपयोग की पहचान और रोकथाम के उद्देश्य से की गई। अभियान के दौरान पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त टीमों ने कई स्थानों पर जांच की, जिसमें चिट्टा (हेरोइन) और देसी शराब बरामद की गई तथा पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार राज्यव्यापी समन्वित अभियान के दौरान कुल 170 स्थानों पर सघन तलाशी और छापेमारी की गई। इस दौरान 2.17 ग्राम चिट्टा और 6,750 मिलीलीटर देसी शराब बरामद हुई। बरामदगी के आधार पर कुल चार मामले दर्ज किए गए। इनमें एक मामला एनडीपीएस अधिनियम के तहत, एक मामला हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत तथा दो मामले सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत दर्ज किए गए हैं।

कार्रवाई के दौरान कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।

छापेमारी के साथ-साथ पुलिस ने विभिन्न कानूनों के तहत प्रवर्तन कार्रवाई भी की। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत 116 चालान किए गए, जबकि हिमाचल प्रदेश गैर-जैव अपघटनीय कचरा नियंत्रण अधिनियम के तहत 20 चालान काटे गए। पुलिस का कहना है कि यह अभियान नशे की रोकथाम, युवाओं को मादक पदार्थों से दूर रखने और कानून का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया।

पुलिस विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें नशे की तस्करी, बिक्री, भंडारण या सेवन से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत डायल-112, नजदीकी पुलिस थाना या अन्य उपलब्ध माध्यमों से दें।

डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का मानना है कि समाज और पुलिस के साझा प्रयासों से ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

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