दिल्ली सरकार ने यमुना को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नागरिकों से की अपील, 116.6 मीट्रिक टन कचरा हटा

नई दिल्ली, 15 जून (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यमुना को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं तथा नदी और उसके तटों की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय योगदान दें।

इसी पहल के तहत दिल्ली सरकार ने रविवार को यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए राजधानी के 28 प्रमुख यमुना घाटों पर एक साथ “मां यमुना तट स्वच्छता अभियान” आयोजित किया। इस अभियान में 15,000 से अधिक नागरिकों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

अभियान के दौरान यमुना घाटों, नदी तटों, पहुंच मार्गों और आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों की व्यापक सफाई की गई तथा 116.6 मीट्रिक टन कचरे को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया गया।

दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, राजस्व विभाग सहित कई विभागों ने संयुक्त रूप से इस अभियान को सफल बनाया। दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और डीयूएसआईबी ने भी अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

इस अभियान के तहत 116.6 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। अभियान के दौरान एकत्र किए गए कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारित किया गया। सामान्य कचरे एवं निर्माण एवं विध्वंस (सीएवंडी) अपशिष्ट का निर्धारित नियमों के तहत निपटान किया गया, जबकि पूजा सामग्री एवं खंडित मूर्तियों का पर्यावरण अनुकूल तरीके से विसर्जन सुनिश्चित किया गया। जलकुंभी एवं अन्य हरित अपशिष्ट को वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए निर्धारित ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स तक पहुंचाया गया।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए भारी मशीनरी और संसाधनों की तैनाती की गई थी। जिसमें आठ ट्रैश स्किमर एवं वीड हार्वेस्टर, 28 नावें, 28 जेसीबी मशीनें, 84 पीडब्ल्यूडी मेंटेनेंस वैन, 28 हॉर्टिकल्चर वाहन, कचरा परिवहन वाहन तथा प्रत्येक स्थल पर आपात चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस तैनात की गईं।

इस अवसर पर दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं है, यह दिल्ली की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। वर्षों से यमुना को लेकर केवल चर्चा करते रहे, लेकिन अब समय केवल बातों का नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों का है। उन्होंने कहा कि हजारों दिल्लीवासियों ने जिस उत्साह और जिम्मेदारी के साथ इस अभियान में भाग लिया है, वह बताता है कि यमुना की स्वच्छता अब सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि जब सभी जनभागीदारी के साथ मिलकर के काम करते है तब केवल कचरा नहीं हटता बल्कि समाज में जिम्मेदारी की भावना भी पैदा होती है।

मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता और जनभागीदारी के विजन से प्रेरित होकर यमुना पुनर्जीवन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई किसी एक दिन का अभियान नहीं है। यह एक सतत संकल्प है, जिसे सरकार और समाज को मिलकर आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि सभी यह निश्चय करें कि यमुना में कचरा नहीं जाएगा, तो यमुना को स्वच्छ बनने से कोई नहीं रोक सकता।

प्रवेश वर्मा ने कहा कि अभियान के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, आरडब्ल्यूए, छात्र समूहों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। घाटों पर लोगों ने सफाई के साथ-साथ जागरूकता गतिविधियों में भी हिस्सा लिया और यमुना में कचरा न डालने का संकल्प लिया।

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