(लीड) दिल्ली बनेगा विश्वस्तरीय यातायात व्यवस्था का उदाहरणः गडकरी
- DSS Admin
- May 19, 2026



नई दिल्ली, 19 मई (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को डीएनडी‑फरीदाबाद‑सोहना नियंत्रित प्रवेश राजमार्ग परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में भाजपा सरकार बनने के बाद दिल्ली को यातायात दबाव और जाम की समस्या से मुक्त करने के लिए एक व्यापक योजना बनाई गई थी। इसके तहत नए नियंत्रित राजमार्गों, रिंग रोडों, सुरंगों के माध्यम से दिल्ली को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इससे ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण कम होगा, माल परिवहन व्यवस्था अधिक सक्षम बनेगी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, अजय टम्टा, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी तथा पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी भी उपस्थित रहे।
गडकरी ने कहा कि नए नियंत्रित राजमार्गों, रिंग रोडों, सुरंगों और ऊपरी गलियारों के माध्यम से दिल्ली को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। विकास परियोजनाओं की लागत बढ़ने के बावजूद कार्यों की गति कम नहीं हुई है और इनसे बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में दिल्ली में लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये की सड़क मूलभूत ढांचा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अब तक लगभग 87 हजार करोड़ रुपये की लागत से 1050 किलोमीटर लंबाई के सड़क निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा 13 हजार करोड़ की लागत से 225 किलोमीटर लंबे मार्गों पर निर्माण कार्य जारी है। वहीं, 34,500 करोड़ रुपये की आगामी परियोजनाओं पर भी काम प्रस्तावित है। साथ ही 25 से 30 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में यातायात दबाव कम करना, भीड़ और प्रदूषण घटाना, ईंधन की बचत करना, माल परिवहन लागत कम करना और तेज स्थानीय यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में नए प्राण फूंकने का कार्य केंद्र सरकार और नितिन गडकरी ने किया है। दिल्ली लंबे समय से यातायात और प्रदूषण की गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी। यदि केंद्र सरकार और सड़क परिवहन मंत्रालय ने इतने बड़े स्तर पर नियंत्रित राजमार्गों तथा अन्य सड़क परियोजनाओं का निर्माण नहीं कराया होता तो दिल्लीवासियों के लिए हालात और अधिक कठिन हो जाते। पिछले 12 वर्षों में केवल दिल्ली के लिए लगभग 1.31 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी गई हैं, जिनसे राजधानी की यातायात व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आया है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को विश्वस्तरीय, हरित और टिकाऊ यातायात व्यवस्था का उदाहरण बनाने के लिए केंद्र ने जो प्रयास किए हैं, वे ऐतिहासिक हैं। इन परियोजनाओं ने न केवल यातायात दबाव को कम किया है, बल्कि प्रदूषण घटाने और ईंधन की बचत करने में भी मदद की है।
डीएनडी‑फरीदाबाद‑सोहना नियंत्रित प्रवेश राजमार्ग परियोजना का निर्माण कार्य 11 जनवरी 2022 को शुरू हुआ था। इस लगभग नौ किलोमीटर लंबे हिस्से में 7.50 किलोमीटर लंबा ऊपरी गलियारा और 1.50 किलोमीटर सड़क सतह पर विकसित की जा रही है। परियोजना का सबसे जटिल हिस्सा आगरा नहर पर बनाया जा रहा 140 मीटर लंबा इस्पात नेटवर्क मेहराब पुल है। अधिकारियों के अनुसार यह पुल आधुनिक तकनीकों से तैयार किया जा रहा है, जिसमें इस्पात मेहराब ढांचा, परस्पर क्रॉस व्यवस्था वाले हैंगर केबल, टाई बीम, क्रॉस गर्डर तथा मिश्रित डेक पट्टिका शामिल हैं। पुल को भूकंप सुरक्षा, अधिक मजबूती और दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 59.063 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत लगभग 4463 करोड़ रुपये है। यह छह लेन नियंत्रित प्रवेश राजमार्ग दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना को जोड़ते हुए दिल्ली‑मुंबई राजमार्ग तथा आगामी नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर तक निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराएगा। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, यातायात प्रवाह बेहतर होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
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