जीएसटी : ऐसे बदल दिया देश का परिदृश्य, तेज विकास ने हर क्षेत्र में भारत को आगे किया
- DSS Admin
- Jul 01, 2026
- नौ वर्षों में 'एक राष्ट्र, एक कर' से विकसित भारत की मजबूत नींव
- डॉ. मयंक चतुर्वेदी
नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। सुधार तभी सफल होते हैं, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। कभी यह विचार ‘अंत्योदय’ पर दिए जा रहे एकात्म मानव दर्शन उद्बोधन की श्रृंखला में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं राजनीति के विद्वान पं. दीनदयाल उपाध्याय ने व्यक्त किए थे, आगे वक्त गुजरता गया और देश अपने लिए एक ऐसी आर्थिक कर रचना खड़ी नहीं सका जो एक कर से पूरे देश को जोड़ती हो, लेकिन 1 जुलाई, 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किया गया जीएसटी कर सुधार आर्थिक क्षेत्र में एक ऐसा कदम सिद्ध हुआ, जिसने बाजार को देखने का नजरिया ही बदल दिया।
दरअसल, भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नौ वर्षों की यात्रा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के इस विचार को सार्थक सिद्ध कर रही है। इसने दशकों पुरानी जटिल अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को समाप्त कर पूरे देश को एक समान कर व्यवस्था से जोड़ दिया। ऐसे में जब हम इसकी बीते नौ वर्षों की यात्रा की समीक्षा करते हैं, तो यही पाते हैं, “आज जीएसटी भारत की आर्थिक मजबूती, डिजिटल प्रशासन, सहकारी संघवाद और तेज विकास का सशक्त आधार बन चुका है।”

