राज्यपाल ने किया ‘अतीत से वर्तमान तक: नैनीताल का सफरश् पुस्तक का विमोचन

नैनीताल, 24 जून (हि.स.)। उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि विरासत और नवाचार का समन्वय ही विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरें हमें अपनी जड़ों से जोड़ती हैं, जबकि आधुनिक तकनीक भविष्य की दिशा दिखाती है। राज्यपाल ने लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में ‘अतीत से वर्तमान तक: नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ पुस्तक का विमोचन तथा एआई हेरिटेज एंड टूरिज्म एप का लोकार्पण किया।

राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन उत्तराखंड की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्मृतियों का जीवंत केंद्र है तथा लगभग 125 वर्ष पूर्व निर्मित इस भवन की निर्माण गाथा मानव संकल्प, परिश्रम और दूरदर्शिता का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. गिरीश रंजन तिवारी की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक केवल राजभवन के निर्माण का इतिहास नहीं, बल्कि नैनीताल की सांस्कृतिक यात्रा, उत्तराखंड की विरासत और तत्कालीन सामाजिक परिवेश का भी महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

साथ ही एआई हेरिटेज एंड टूरिज्म एप के संबंध में उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को संस्कृति और इतिहास के संरक्षण का सशक्त माध्यम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एप में एआई हेरिटेज गाइड, स्मार्ट इटिनरेरी प्लानर, इंटरएक्टिव टाइम कैप्सूल और हिडन जेम्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनसे पर्यटकों, शोधार्थियों और स्थानीय समुदायों को लाभ मिलेगा। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि संस्कृति, लोक परंपराओं, आस्था और प्राकृतिक विरासत से जुड़ा विषय है।

उन्होंने विकसित भारत-2047 के संकल्प को सांस्कृतिक रूप से जागरूक, तकनीकी रूप से सक्षम और अपनी जड़ों से जुड़े भारत के निर्माण का लक्ष्य बताया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, पुस्तक के लेखक डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, एप के निर्माता सिद्धार्थ माधव, प्रकाशक संतोष सिंह तथा कुमाऊँ विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

   

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