उपराज्पयाल ने विकासपुरी में आधार सेवा केंद्र का किया उद्घाटन, दिल्ली में नागरिक-केंद्रित सेवा को मिलेगी मजबूती

नई दिल्ली, 15 जून (हि.स.)। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को वेस्ट दिल्ली के विकासपुरी में आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। यह पहल राजधानी दिल्ली में नागरिकों पर केंद्रित सेवा वितरण को और ज्यादा मजबूत करने और डिजिटल गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इस मौके पर दिल्ली के परिवहन, स्वास्थ्य और आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पिछले एक दशक में भारत के गवर्नेंस इकोसिस्टम में आधार की परिवर्तनकारी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी पर आधारित सुधारों ने गवर्नेंस को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुलभ बनाकर सार्वजनिक सेवा वितरण में महत्वपूर्ण सुधार किया है।

उपराज्यपाल ने कहा कि आधार अब सिर्फ एक डिजिटल पहचान प्लेटफॉर्म नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख स्तंभों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि आधार से सीधे फायदे पहुंचाने में बेहद आसानी होती है जो वित्तीय समावेश को मजबूत बनाता है। साथ ही नागरिकों और संस्थाओं के बीच एक मजबूत स्तंभ बनाकर बड़े पैमाने पर गवर्नेंस के बेहतर नतीजे सुनिश्चित करता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आधार, ई-केवाईसी और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म ने कागजी कार्रवाई की जटिलताओं को बेहद कम किया है और साथ ही पारदर्शिता के साथ जनता का भरोसा भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आधार ने साझा डिजिटल आधार की नींव को तैयार किया है।

उपराज्यपाल ने कहा कि विकासपुरी आधार सेवा केंद्र दिल्ली के नागरिक सेवा ढांचे में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बच्चों के बायोमेट्रिक विवरण समय पर अपडेट कराने के महत्व पर भी बल दिया, ताकि भविष्य में प्रमाणीकरण संबंधी किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े।

दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि आधार सेवा केंद्र से वेस्ट दिल्ली और आस-पास के पूरे इलाकों के नागरिकों को आधार से जुड़ी सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकासपुरी केंद्र के शुरू होने से नागरिकों को आधार एनरोलमेंट, अपडेट और उससे जुड़ी अन्य दूसरी सेवाओं के लिए इंद्रलोक, प्रगति मैदान और ऐसी ही दूरस्त केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार और डिजिटल गवर्नेंस तक पहुंच बढ़ाने के लिए यूआईडीएआई के प्रयासों की सराहना की।

पंकज कुमार सिंह ने कहा कि आधार जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और स्वास्थ्य क्षेत्र में आधार रजिस्ट्रेशन यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी पात्र नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित नहीं रहे। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार के गठन के बाद हजारों परिवारों को आधार कार्ड से जुड़े आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से कैशलेस इलाज का लाभ मिला है, जिससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुगम हुई है।

उन्होंने कहा कि आधार सरकारी योजनाओं और नागरिकों के लिए सेवाओं का जरिया बन गया है। उन्होंने बताया कि अब दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) संस्थानों में आधार एनरोलमेंट की सुविधाओं को जन्म पंजीकरण सेवाओं के साथ आधार नामांकन सुविधा को जोड़ा जा रहा है, जिससे नवजात बच्चों का जन्म पंजीकरण के समय ही आधार के लिए एनरोलमेंट हो रहा है। इस पहल से बच्चों को जीवन की शुरुआत से ही स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न लाभ मिल सकेंगे।

बायोमेट्रिक अपडेट के महत्व पर ज़ोर देते हुए पंकज कुमार सिंह ने माता-पिता और अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के आधार विवरण को समय पर अपडेट करवाना जरूर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों के लिए भविष्य में शिक्षा, वित्तीय और कल्याणकारी लाभों तक बिना किसी रुकावट के पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

डिजिटल गवर्नेंस के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए पंकज सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी-आधारित सार्वजनिक सेवाएं भविष्य की जरूरत हैं और दिल्ली सरकार नागरिकों की सुविधा को केंद्र में रखकर एक डिजिटल रूप से सशक्त इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विकासपुरी आधार सेवा केंद्र की स्थापना यूआईडीएआई के आधार सेवा केंद्र विस्तार कार्यक्रम के दूसरे चरण के अंतर्गत की गई है। इसके उद्घाटन के साथ ही राजधानी दिल्ली में अब छह आधार सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिससे आधार एनरोलमेंट, डेमोग्राफिक अपडेट और बायोमेट्रिक सेवाओं तक पहुंच और बेहतर हो गई है।

यूआईडीएआई अधिकारियों ने बताया कि ये सेंटर रोजाना हजारों नागरिकों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और राजधानी में आधार से जुड़ी सेवाओं तक लोगों की पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अधिकारियों ने 5 से 17 साल तक के बच्चों के लिए चलाए जा रहे बायोमेट्रिक अपडेट कैंपेन की सफलता का भी जिक्र किया, इसके तहत सितंबर 2025 से लेकर अब तक राजधानी दिल्ली में 4.5 लाख से ज्यादा बच्चे अपने बायोमेट्रिक्स विवरण अपडेट करवा चुके हैं।

यूआईडीएआई के अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि 0-5 साल तक उम्र के बच्चों के लिए बाल आधार कवरेज बढ़ाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने भी बताया कि सेंट्रल दिल्ली और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में दो नए आधार सेवा केंद्रों की स्थापना की योजना अंतिम चरण में है।

इस मौके पर दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत, वेस्ट दिल्ली के जिलाधिकारी, यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के वरिष्ठ अधिकारी, जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहें।

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