विधायकों संग बैठक में ममता का निर्देश - ‘बुलडोजर एक्शन’ के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध का ऐलान

कोलकाता, 19 मई (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में हॉकर्स के कथित जबरन हटाने और “बुलडोजर एक्शन” के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि राज्य में नवगठित भाजपा सरकार की नीतियों के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।

तृणमूल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, ये विरोध प्रदर्शन 21 मई को हावड़ा स्टेशन, सियालदह स्टेशन और बालीगंज इलाके के पास किए जाएंगे। इस दिन फलता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान होने वाले है, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।

पार्टी का कहना है कि सरकार बनने के बाद से ही अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। कई जगहों पर कथित रूप से अतिक्रमण हटाने के लिए ध्वस्तीकरण अभियान चलाए गए हैं, जिनमें रेलवे की जमीन पर बनी अस्थायी संरचनाओं को भी हटाया गया है। हाल के दिनों में हावड़ा और सियालदह डिवीजन के अंतर्गत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है।

इन कार्रवाइयों पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कालीघाट में पार्टी विधायकों की बैठक के दौरान आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉकर्स की दुकानों को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है और इसे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन तृणमूल कार्यकर्ता मजबूती से इसका विरोध करेंगे।

बैठक के बाद पार्टी ने आधिकारिक रूप से “बुलडोजर” के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन प्रदर्शनों का उद्देश्य छोटे व्यापारियों, हॉकर्स और कमजोर वर्गों पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर करना है।

गौरतलब है कि इससे पहले तिलजला इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विपक्षी नेताओं को सक्रिय विरोध करते देखा गया था, जबकि तृणमूल की सक्रिय मौजूदगी सीमित रही थी।

   

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