पूर्व राष्ट्रपति विद्या भंडारी की नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में सदस्यता बहाल

काठमांडू, 18 मई (हि.स.)। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने पूर्व राष्ट्रपति विद्या भंडारी की पार्टी सदस्यता बहाल कर दी है।

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के अध्यक्ष ओली के निवास पर सोमवार को हुई बैठक में केंद्रीय समिति की ओर से 21 से 23 जुलाई, 2025 के बीच लिए गए फैसलों को पलटते हुए भण्डारी की सदस्यता पुनः बहाल करने का फैसला लिया गया। यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब पार्टी ने कुछ समय पहले पूर्व राष्ट्रपति की सदस्यता नवीकरण प्रक्रिया रोकने का निर्णय लिया था। उस फैसले के बाद भण्डारी को पार्टी की आंतरिक गतिविधियों से अलग रखा गया था, जिसमें 13 से 17 दिसंबर, 2025 तक आयोजित 11वां महाधिवेशन भी शामिल था।

हालांकि, हाल ही में उन्हें पार्टी के पूर्व केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। यह कार्यक्रम तत्कालीन एमाले महासचिव मदन भंडारी और संगठन विभाग प्रमुख जीवराम आश्रित की चितवन के दासढुंगा में सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के 33 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था।

भण्डारी पहली बार 2015 में नेपाल की राष्ट्रपति बनी थीं और 2023 में कार्यकाल पूरा होने तक दो कार्यकाल तक इस पद पर रहीं। पद छोड़ने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में वापसी की घोषणा की थी और उसी समय एमाले की सदस्यता भी नवीनीकृत कराई थी। बाद में पार्टी अध्यक्ष ओली ने उनकी सदस्यता प्रक्रिया रोकने का निर्देश दिया था, जिससे पार्टी के भीतर आंतरिक बहस शुरू हो गई थी। हाल के महीनों में एमाले के भीतर राजनीतिक समीकरण काफी तनावपूर्ण रहे हैं। हालिया चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन और ओली पर बढ़ते नेतृत्व दबाव के बाद पार्टी के अंदर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।

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