नई ईवी नीति वाहनों की शुरुआती खरीद लागत के साथ-साथ उस पर होने वाले खर्च को कम करेगी : रेखा गुप्ता

नई दिल्ली, 02 जुलाई (हि.स.)।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली ईवी नीति का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती खरीद लागत के साथ-साथ उनके पूरे जीवनकाल में होने वाले खर्च को कम करना है।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यह नीति ईवी वाहन खरीद प्रोत्साहन, पुराने प्रदूषणकारी वाहन को स्क्रैप करने पर प्रोत्साहन राशि, आजीवन रोड टैक्स छूट, रजिस्ट्रेशन शुल्क में माफी और पेट्रोल एवं डीजल वाहनों की तुलना में कम परिचालन और रखरखाव लागत जैसे अनेक लाभ एक साथ उपलब्ध कराती है। यही कारण है कि इलेक्ट्रिक वाहन अब घरों, व्यावसायिक चालकों और छोटे-बड़े व्यवसायों के लिए सबसे समझदारी भरा आर्थिक विकल्प बन रहे हैं।

उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वाले पात्र लाभार्थियों को 30 हजार रुपये तक का खरीद प्रोत्साहन, 10 हजार रुपये का स्क्रैपिंग प्रोत्साहन, वाहन के पूरे जीवनकाल के लिए रोड टैक्स में छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी माफी मिलेगी। इन सभी लाभों के कारण कर संबंधी लाभों के अतिरिक्त 50 हजार रुपये से अधिक की शुरुआती बचत संभव होगी। इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा (एल-5) खरीदने वाले पात्र लाभार्थियों को 50 हजार रुपये तक का खरीद प्रोत्साहन, 25 हजार रुपये का स्क्रैपिंग प्रोत्साहन, आजीवन रोड टैक्स छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी का लाभ मिलेगा। इससे कर लाभों को छोड़कर 75 हजार रुपये से अधिक की शुरुआती बचत संभव होगी। इलेक्ट्रिक ग्रामीण सेवा वाहन खरीदने वालों को पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर 15 हजार रुपये का स्क्रैपिंग प्रोत्साहन मिलेगा। इलेक्ट्रिक एन-1 गुड्स कैरियर खरीदने वाले पात्र लाभार्थियों को एक लाख रुपये तक का खरीद प्रोत्साहन, 50 हजार रुपये का स्क्रैपिंग प्रोत्साहन, आजीवन रोड टैक्स छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी मिलेगी। इससे कर लाभों के अतिरिक्त लगभग 1.50 लाख रुपये तक की शुरुआती बचत संभव होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ईवी नीति में निजी इलेक्ट्रिक कारों के लिए खरीद प्रोत्साहन का प्रावधान नहीं रखा गया है। लेकिन अगर कोई पात्र पारंपरिक ईंधन वाली कार को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक कार खरीदता है तो उसे एक लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा आजीवन रोड टैक्स छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी का लाभ भी मिलेगा। इन सभी प्रावधानों के कारण, खरीद प्रोत्साहन उपलब्ध न होने के बावजूद खरीदार को महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि इस नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल एक प्रकार की सब्सिडी नहीं, बल्कि कई वित्तीय लाभों को एक साथ जोड़ा गया है। पात्र खरीदार खरीद प्रोत्साहन, स्क्रैपिंग प्रोत्साहन, आजीवन रोड टैक्स छूट और एकमुश्त रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी का लाभ लेकर वाहन की वास्तविक खरीद लागत को काफी कम कर सकते हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए दिल्ली देश के सबसे आकर्षक राज्यों में से एक बन गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक धन का उपयोग वही करने का निर्णय लिया है, जहां उसका सबसे अधिक लाभ आम नागरिकों को मिले। इसी सोच के तहत दोपहिया, तिपहिया और एन-1 गुड्स कैरियर जैसी वाहन श्रेणियों को प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि इनका उपयोग मुख्य रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार, व्यावसायिक चालक, डिलीवरी पार्टनर तथा छोटे व्यवसाय करते हैं। निजी कारों पर खरीद सब्सिडी देने के बजाय सरकार ने उन वाहन श्रेणियों पर निवेश केंद्रित किया है, जिनसे पर्यावरण पर सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और लाखों लोगों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इस नीति के अंतर्गत रोड टैक्स से मिलने वाली छूट केवल नीति की अवधि तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन के पूरे जीवनकाल तक लागू रहेगी। साथ ही वाहन खरीदते समय रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी पूरी छूट मिलेगी। इन लाभों के साथ जहां खरीद लागत कम होगी, वहीं इलेक्ट्रिक वाहन पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में अधिक किफायती साबित होंगे। बचत केवल वाहन खरीदने तक सीमित नहीं रहती। इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रति किलोमीटर ऊर्जा की लागत पेट्रोल और डीजल की तुलना में काफी कम होती है। साथ ही इनमें चलने वाले पुर्जे कम होने के कारण रखरखाव और सर्विसिंग पर भी कम खर्च आता है। वाहन के पूरे जीवनकाल में परिचालन से होने वाली यह बचत कई बार सरकार द्वारा दिए जाने वाले शुरुआती प्रोत्साहनों से भी अधिक हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिल्ली में 300 से अधिक पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल उपलब्ध हैं। इनमें किफायती स्कूटर, प्रीमियम मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा और व्यावसायिक मालवाहक वाहन शामिल हैं। विभिन्न कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा से उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर हुई है, उपभोक्ताओं के विकल्प बढ़े हैं और विभिन्न आय वर्गों तथा जरूरतों के अनुरूप इलेक्ट्रिक वाहन अधिक सुलभ हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वाहन खरीदने से पहले यह अवश्य सुनिश्चित करें कि उनका चुना गया मॉडल दिल्ली ईवी नीति के अंतर्गत अनुमोदित है। परिवहन विभाग सभी पात्र मॉडलों की सूची ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराएगा। वाहन बुक करने से पहले इस सूची की जांच अवश्य करें।

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