महाराष्ट्रः निजी कंपनी के भर्ती विज्ञापन में मराठी भाषियों को नो एंट्री, कड़ा विरोध

मुंबई, 10 जून (हि.स.)। मुंबई में एक निजी कंपनी ने 25 लाख रुपए के पैकेज की भर्ती निकाली है, इसमें कहा गया है कि केवल गुजरात और राजस्थान के अभ्यर्थियों को नौकरी दी जाएगी। इसे लेकर नया विवाद शुरू हो गया है और कई सामाजिक संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है।

मराठी एकीकरण समिति ने विज्ञापन का कड़ा विरोध करते हुए दावा किया है कि वह दो दिनों के अंदर पता लगाएगी कि यह कौन-सी कंपनी है। समिति के पदाधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज कर जुर्माना लगाने और कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की गई है कि संबंधित लोगों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

समिति के पदाधिकारी गोवर्धन देशमुख ने आरोप लगाया कि मराठी भाषियों को नौकरी नहीं मिलती। विदेशी और गुजरात की कंपनियां मराठी युवाओं को नजरअंदाज करती हैं। राज्य में रोजगार और नौकरियों में मराठी भाषियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इस तरह का विज्ञापन एक निजी कंपनी की ओर से साल 2024 में भी मुंबई के गिरगांव में भर्ती के लिए दिया गया था। इसमें कंपनी ने ग्राफिक डिजाइनर की पोस्ट के लिए साफ कहा था कि मराठी उम्मीदवार नहीं चाहिए।

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