भागलपुर, 24 जून (हि.स.)।
भागलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित शवगृह से उत्पन्न हो रही गंभीर समस्याओं को लेकर जीआरपी थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर नसीम अहमद ने मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने सीधे जिलाधिकारी (डीएम) को पत्र लिखकर इस संवेदनशील मामले के स्थाई समाधान की मांग की है। थानाध्यक्ष ने अपने पत्र में आग्रह किया है कि अज्ञात शवों को पहचान के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखने की वैकल्पिक व्यवस्था मायागंज अस्पताल में की जाए ताकि स्टेशन परिसर को इस बड़ी समस्या से निजात मिल सके।
थानाध्यक्ष के मुताबिक वर्तमान में यह शवगृह जीआरपी थाना और रेलवे कोर्ट के बिल्कुल बगल में स्थित है। अक्सर ऐसा होता है जब एक साथ तीन से चार अज्ञात शवों को यहाँ रखना पड़ जाता है। उचित रख-रखाव के अभाव में शवों की स्थिति तेजी से खराब होने लगती है, जिसके कारण पूरे स्टेशन परिसर और उसके आस-पास के इलाकों में भयंकर दुर्गंध फैल जाती है।
इस असहनीय स्थिति से न केवल यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि इलाके में किसी बड़ी महामारी के फैलने की आशंका भी लगातार बनी हुई है। इस मुद्दे पर पहले भी कई बार डीआरएम को पत्र भेजकर अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक रेलवे प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, जीआरपी से मिली जानकारी के मुताबिक बीते 19 जून को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इंस्पेक्टिंग जज तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मामले को गंभीरता से लिया था।
उन्होंने रेलवे अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए एक सप्ताह के भीतर इस विकट समस्या का स्थाई समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा था, जिसके बाद अब जिला प्रशासन से उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
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