
कमीशन
ने सख्त रुख अपनाते हुए अब 24 जून को निजी तौर पर पेश होने के लिए
किया तलब
चंडीगढ़, 15 जून । नगर निगम चुनावों के
दौरान पुलिस कर्मचारी से कथित बदसलूकी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से जुड़े
मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू
सोमवार को पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के सामने निजी तौर पर पेश नहीं हुए। कमीशन ने
उन्हें 15 जून को पेश होने के
आदेश जारी किए थे, लेकिन
उनकी जगह उनके वकील कमीशन के समक्ष हाजिर हुए। वकील ने दलील दी कि बिट्टू इस समय
सरकारी कार्यों में व्यस्त हैं।
इस
पर पंजाब एससी कमीशन के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा
कि पिछली बार भी बिट्टू को उनकी सुविधा के अनुसार समय दिया गया था और मामले संबंधी
पूरी जानकारी पहले ही उपलब्ध करवा दी गई थी। कमीशन ने अब रवनीत सिंह बिट्टू को
दोबारा 24 जून को निजी तौर पर
पेश होने के लिए तलब किया है।
इस
मामले से जुड़ी जानकारी देने के लिए संगरूर के एसपी राजेश सिंह छिब्बर भी कमीशन के
सामने पेश हुए। इससे पहले भी बिट्टू को कमीशन ने तलब किया था, लेकिन उस समय भी उनकी जगह वकील ही पेश
हुए थे और निजी पेशी के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था।
मामला
उस समय सामने आया था, जब
इससे जुड़ी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके बाद पंजाब एससी कमीशन ने संज्ञान
लेते हुए रवनीत सिंह बिट्टू को तलब किया था और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी।
बाद में बिट्टू ने अपने शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। संगरूर
पुलिस की ओर से भी अपनी रिपोर्ट कमीशन के सामने पेश की जा चुकी है।
बिट्टू को पहले 4
जून 2026 को पेश होने के आदेश दिए गए थे, लेकिन निजी कारणों और दिल्ली में सरकारी
व्यस्तताओं के चलते वे पेश नहीं हो सके। इसके बाद 15 जून को उन्हें दोबारा तलब किया गया था,
लेकिन वे फिर निजी तौर पर पेश नहीं हुए।
अब कमीशन ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें 24 जून को पेश होने के लिए कहा है।
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