मंजीत महाल, गोगी और रणदीप भाटी गैंग तक पहुंचते थे हथियार, स्पेशल सेल ने दबोचे 6 तस्कर
- DSS Admin
- Jun 12, 2026
नई दिल्ली, 12 जून (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय गैंगस्टरों को अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले दो बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ छह तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 26 अत्याधुनिक सेमी-आटोमैटिक पिस्टल, आठ कारतूस, तस्करी में इस्तेमाल स्विफ्ट, थार और आल्टो कारें, छह मोबाइल और कई सिमकार्ड बरामद बरामद किए गए हैं। ये लोग मध्य प्रदेश के बुरहानपुर और खरगोन से अवैध हथियार लाकर उन्हें दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात मंजीत महल, जितेंद्र उर्फ गोगी और रणदीप भाटी गिरोह के गुर्गों को सप्लाई करते थे।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त नारा चैतन्य का कहना है कि एसीपी राहुल कुमार सिंह की टीम ने दो अलग-अलग आपरेशनों यह कार्रवाई की। पहले आपरेशन के तहत 22 मई को सेल की टीम ने राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (ताहिरपुर) के पास से रवि कुमार और सुनील तंवर को दबोच लिया गया। इनके बैग की तलाशी लेने पर 15 अवैध पिस्टल (10 रवि से और पांच सुनील से) बरामद हुईं। पूछताछ में पता चला कि रवि, सुनील के कहने पर एमपी से हथियार लाया था। इसके बाद 24 मई को इनकी निशानदेही पर हथियारों के रिसीवर योगेश को द्वारका सेक्टर-सात से गिरफ्तार किया गया। उसकी गाड़ी के गुप्त केबिन (कैविटी) से चार पिस्टल और पांच कारतूस मिले। तीनों से पूछताछ के बाद 26 मई को पुलिस टीम ने दो और रिसीवर रजत उर्फ रज्जू और सौरभ को लक्ष्मी नगर से गाड़ी सहित दबोच लिया। इनके पास से दो पिस्टल और तीन कारतूस बरामद हुए।
दूसरे आपरेशन में 22 मई को स्पेशल सेल की टीम ने एक और समानांतर कार्रवाई करते हुए रोहिणी हेलीपैड के पास न्यू कोंडली के रहने वाले हथियार सप्लायर निखिल को दबोच लिया। वह एक बदमाश को हथियारों की एक बड़ी खेप देने आया था। उसके पास से पांच पिस्टल बरामद की गई।
इनमें सुनील तंवर उर्फ चीनू, बागपत का रहने वाला है। इसके खिलाफ 14 मामले दर्ज हैं। यह कुख्यात अपराधी अंकित गुर्जर (मृत) का भतीजा है। यह फिरौती के लिए अपहरण और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में लिप्त रहा है। चाचा की मौत के बाद इसने हथियार तस्करी का नेटवर्क संभाल लिया।
रवि कुमार, लोनी का रहने वाला है। 2015 में जीटीबी एन्क्लेव से एक युवक के अपहरण और हत्या मामले में वह जेल गया था। जेल में अपराधियों के संपर्क में आकर बाहर निकलने के बाद दो साल से हथियार तस्करी करने लगा था।
योगेश, द्वारका का रहने वाला है और चार मामलों में शामिल रहा है। वह पहले दूध की डेयरी चलाता था। 2024 में सुनील तंवर के संपर्क में आकर इसने गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने लगा। इसपर हत्या के प्रयास और लूट के मामले दर्ज हैं।
रजत उर्फ रज्जू, लोनी का रहने वाला है और हत्या, लूट और चोरी जैसे 19 मामलों में शामिल रहा है। जेल में सुनील तंवर से मुलाकात के बाद यह भी हथियार तस्करी करने लगा था। सौरभ, बागपत का रहने वाला है और 17 मामलों में शामिल रहा है। जेल में इसकी रजत से दोस्ती हुई। इसके बाद गांव में अपनी दुश्मनी और दबदबा कायम करने के लिए इसने हथियार खरीदे थे। निखिल, न्यू कोंडली का रहने वाला है और चार मामलों में शामिल रहा है। अप्रैल में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद इसने एमपी से हथियार लाकर दिल्ली में बेचने लगा।
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