पंजाब सरकार ने एसजीपीसी की मांग पर बदला आनंदपुर साहिब हेरिटेज का रूटमैप

चंडीगढ़, 07 जून । पंजाब सरकार ने आनंदपुर साहिब में प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट परियोजना को नए

स्वरूप में फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा

प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कड़ी आपत्तियों के बाद सरकार को मूल योजना को स्थगित

करना पड़ा था। अब सरकार और एसजीपीसी के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति गठित की

गई है, जो परियोजना के डिजाइन और मार्ग को अंतिम रूप देगी।

पंजाब के शिक्षा

एवं स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने रविवार को बताया कि समिति का उद्देश्य सभी

पक्षों के बीच सहमति बनाकर हेरिटेज स्ट्रीट परियोजना को आगे बढ़ाना है। उन्होंने

कहा कि एसजीपीसी के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया गया है ताकि धार्मिक

भावनाओं और ऐतिहासिक महत्व का पूरा सम्मान किया जा सके।

मूल योजना के

तहत पर्यटन विभाग ने रोपड़-आनंदपुर साहिब मुख्य मार्ग से तख्त श्री केशगढ़ साहिब तक हेरिटेज स्ट्रीट विकसित करने का प्रस्ताव रखा था। इसमें

मुख्य सड़क पर एक भव्य प्रवेश द्वार, सफेद संगमरमर का मार्ग तथा रास्ते में स्थित

दुकानों का ऐतिहासिक स्वरूप में पुनर्निर्माण शामिल था। हालांकि एसजीपीसी ने इस

डिजाइन का विरोध करते हुए कहा था कि प्रस्तावित गेटवे तख्त श्री केशगढ़ साहिब के

सीधे दर्शन में बाधा बनेगा। इसके अलावा संगमरमर की सड़क से वाहनों की आवाजाही

प्रभावित होने की भी आशंका जताई गई थी।

संशोधित योजना के तहत हेरिटेज स्ट्रीट अब किला आनंदगढ़ साहिब से तख्त श्री

केशगढ़ साहिब होते हुए गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब तक

विकसित की जा सकती है। यह मार्ग मुख्य हाईवे की बजाय शहर के अंदरूनी हिस्सों से

होकर गुजरेगा। करीब 25 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य आस्था, विरासत और पर्यटन को एक साथ जोड़ना है। अमृतसर

की हेरिटेज स्ट्रीट की तर्ज पर तैयार की जा रही यह परियोजना आनंदपुर साहिब में आने

वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन

को भी नई पहचान दे सकती है।

   

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