फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, खाते में मिले 1.70 करोड़

देहरादून, 23 जून (हि.स.)। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट के कथित मास्टरमाइंड को मंगलवार को रुद्रपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सतानन्द शर्मा निवासी शाहजहांपुर,उत्तर प्रदेश, फर्जी और कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तैयार कर अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। अभियुक्त सतानन्द के बैंक खाते में अवैध असलहों के कूटरचित लाइसेंस के कारोबार से करीब एक करोड़ सत्तर लाख की धनराशि प्राप्त हुई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की सत्यता की जांच के दौरान 4 जून को काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के क्रम में अब तक 14 अवैध शस्त्र, 355 जिंदा कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।

एसटीएफ के अनुसार आरोपित सतानन्द शर्मा फर्जी लाइसेंस तैयार कर उन्हें ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में उपलब्ध कराता था। जांच में सामने आया है कि जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शाहजहांपुर के पुराने यूआईएन नंबरों का कथित दुरुपयोग कर ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टियां कराई गईं। इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

एसटीएफ ने बताया कि आरोपित का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2019 में गाजियाबाद और शाहजहांपुर में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने के मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। वह गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी पूर्व में जेल जा चुका है।

जांच एजेंसी के अनुसार अब तक इस प्रकरण में राज्य के विभिन्न जनपदों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। बरामद हथियारों में दो ऑटोमैटिक पम्प एक्शन गन, दो राइफल, नौ पिस्टल और एक रिवॉल्वर शामिल हैं।

एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से भी संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंसों की जानकारी एसटीएफ को उपलब्ध कराने की अपील की है।

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