गौवंश संरक्षण एवं पशुपालकों की समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : धर्मपाल सिंह

उप्र सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह कार्यक्रम के दौरान

केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं जन कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वृहद गो संरक्षण केंद्र किशन तेजखेड़ा में कार्यक्रम आयोजित

लखनऊ, 10 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को काकोरी के किशन तेज खेड़ा स्थित गौशाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने गौ माता का पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा उन्हें गुड़ एवं चना खिलाकर आमजन के मध्य गौसेवा का संदेश दिया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में पशुधन मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उनके नेतृत्व में पशुधन एवं दुग्ध विकास के क्षेत्र में अभिनव एवं प्रेरणादायी कार्य किये जा रहे हैं। जिसका सीधा लाभ किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ का मंत्र देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रहा है तथा ’’एक भारत, श्रेष्ठ भारत’’ की परिकल्पना को साकार कर रहा है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त पहल से पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में मोबाइल वेटरनरी यूनिट जैसी अभिनव व्यवस्था उ.प्र. में संचालित है, जिसके माध्यम से पशुपालकों को उनके द्वार पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश को 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट प्राप्त हुई हैं तथा टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करने पर निर्धारित समय के भीतर पशु चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस व्यवस्था से पशुओं के उपचार, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य संरक्षण को नई गति मिली है।

इस अवसर पर वहां उपस्थित किसानों एवं पशुपालकों से अपील करते हुए पशुधन मंत्री ने कहा कि दूध देना बंद करने वाली गायों को छुट्टा न छोड़ें, बल्कि उनकी समुचित देखभाल करें या स्थानीय गौशाला में उनको संरक्षित करें। गौवंश हमारी सांस्कृतिक धरोहर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। गौसंरक्षण केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण संकल्प भी है। सरकार गौवंश संरक्षण, संवर्धन एवं पशुपालकों की आय वृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को कृषि के समान महत्व प्रदान किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादन, पशुधन स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। सरकार की विभिन्न योजनाएं ग्रामीण परिवारों, महिलाओं तथा छोटे पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं।

इस अवसर पर पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण एवं पशुपालकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने गो संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए जनसहभागिता बढ़ाने पर बल दिया।

इस अवसर पर मंत्रीगण एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वृहद गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया तथा गोवंश के लिए उपलब्ध भूसा, चारा, पेयजल एवं स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का अवलोकन एवं गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, पशुधन विकास एवं गोसंरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गौसंरक्षण, पशुधन विकास तथा ग्रामीण समृद्धि के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, विशेष सचिव देवेंद्र पांडे, निदेशक प्रशासन एवं विकास, डाॅ. मेमपाल सिंह, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पशुपालक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

   

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