बेला जंगल लूटकांड : 50 मिनट की टाइमलाइन खंगाल रही पुलिस

- चालक की भूमिका भी जांच के दायरे में

मीरजापुर, 03 जुलाई (हि.स.)। मड़िहान थाना क्षेत्र के बेला जंगल में गुरुवार रात सचिन धागा कंपनी के सेल्समैन से 2.47 लाख रुपये की कथित लूट की घटना की जांच अब कई नए पहलुओं पर केंद्रित हो गई है। एसटीएफ, एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम घटनाक्रम की 50 मिनट की पूरी टाइमलाइन खंगाल रही है। शुरुआती जांच में चालक की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है।

पुलिस के अनुसार, कलेक्शन लेकर लौट रही मैजिक गाड़ी शाम 7:25 बजे मड़िहान बाजार के सीसीटीवी कैमरों में दिखाई दी, जबकि 7:50 बजे वह देवरी कला स्थित धर्मकांटा के पास से गुजरती नजर आई। चालक और सेल्समैन का दावा है कि रात 8:15 बजे बेला जंगल के पास पल्सर सवार दो बदमाशों ने वाहन के बाएं टायर पर गोली मारकर उसे रोका और रुपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।

हालांकि, पुलिस जांच में यह कहानी पूरी तरह मेल नहीं खा रही है। घटनास्थल पर गोली चलने के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। वाहन का बायां टायर जिस प्रकार फटा मिला है, उस पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का मानना है कि जिस स्थान पर गोली लगने की बात कही जा रही है, वहां उस तरह टायर फटना संभव प्रतीत नहीं होता। इसके अलावा टायर फटने के बाद भी वाहन लगभग 100 मीटर तक चलता रहा, जबकि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर होटल होने के बावजूद चालक ने वहां तक वाहन ले जाकर मदद लेने का प्रयास नहीं किया।

जांच एजेंसियां बेला जंगल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं तथा पल्सर सवार संदिग्धों की तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर गठित विशेष टीम में एसटीएफ, एसओजी और स्थानीय पुलिस शामिल है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं। अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन राजकुमार मीणा ने शुक्रवार काे बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूरे मार्ग की टाइमलाइन का मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह वास्तविक लूट की घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य साजिश।

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