'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कांग्रेस ने छात्रों से किया संवाद, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की उठाई मांग

जम्मू, 02 जुलाई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बुधवार को राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में करीब एक हजार छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कथित पेपर लीक, बार-बार परीक्षाएं स्थगित होने, भर्ती प्रक्रिया में देरी, बढ़ती बेरोजगारी और शैक्षणिक दबाव से जुड़ी अपनी समस्याएं खुलकर साझा कीं।

कार्यक्रम के दौरान कई छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों की मेहनत के बावजूद बार-बार होने वाली देरी, परीक्षाओं के स्थगन और कथित अनियमितताओं ने उनके भविष्य को अनिश्चित बना दिया है। छात्रों ने नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के पुनर्निर्धारण, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और बढ़ते मानसिक तनाव पर भी चिंता व्यक्त की। कुछ छात्रों ने महंगी कोचिंग, बार-बार परीक्षा की तैयारी और परिवारों पर बढ़ते आर्थिक बोझ का मुद्दा भी उठाया।

सभा को संबोधित करते हुए तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि छात्रों की मेहनत और त्याग व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा और भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के सपनों से समझौता नहीं किया जा सकता और प्रत्येक योग्य छात्र को निष्पक्ष परीक्षा, समयबद्ध भर्ती तथा समान अवसर मिलना चाहिए। कार्यक्रम में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी श्रीनगर के अध्यक्ष डॉ. आदिल फारूक मीर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष शमीमा रैना, जम्मू-कश्मीर के लिए भारतीय युवा कांग्रेस के प्रभारी मान सिंह राठौड़, प्रदेश युवा कांग्रेस के नेता यासिर मंडू, इंजीनियर बशारत बशीर वानी, मुसद्दिक मेहराज, सैयद इकबाल, वसीम यासीन और मीर मोहम्मद यूनिस सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

मीडिया से बातचीत में कर्रा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर कांग्रेस सबसे पहले नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने वाली पार्टी थी। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करना जम्मू-कश्मीर के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है न कि केवल राजनीतिक नारा। श्री अमरनाथ यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और कहा कि कश्मीर की पहचान हमेशा से अपनी मेहमाननवाजी और सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परंपरा आगे भी कायम रहेगी। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने संकल्प लिया कि 'छात्रों की गूंज' अभियान के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में छात्रों, अभिभावकों और युवाओं से लगातार संवाद जारी रखा जाएगा तथा शिक्षा सुधार, पारदर्शी भर्ती, मानसिक स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

   

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