करौली में पायलट बोले- आंख में आंख डालकर देखो, सच-झूठ खुद पता चल जाएगा

करौली, 10 जून (हि.स.)। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने बुधवार को करौली जिले के सकरघटा गांव में आयोजित किसान सम्मेलन और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण समारोह में बिना नाम लिए अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आंख में आंख डालकर देखोगे तो पता चल जाएगा कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। मैंने अपने साथ काम करने वाले सभी नेताओं का सम्मान किया है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। सचिन पायलट के पहुंचने पर समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया तथा कई स्थानों पर जेसीबी से पुष्पवर्षा की गई। रेलवे स्टेशन से लेकर सभा स्थल तक सचिन पायलट आई लव यू के नारों से माहौल गूंजता रहा।

किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति केवल पद और फल की इच्छा से काम करता है, वह कभी संतुष्ट नहीं रह सकता, जबकि जनहित में काम करने वाला हमेशा सम्मान और संतोष प्राप्त करता है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे महत्वपूर्ण है और हर समस्या का समाधान बातचीत से निकल सकता है।

करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार से सभी पक्षों को साथ बैठाकर समाधान निकालने की अपील की।

सचिन पायलट ने कहा कि किसान की पहचान उसकी जाति या धर्म से नहीं, बल्कि उसकी मेहनत और परिश्रम से होती है। उन्होंने कहा कि समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने की कोशिशें प्रदेश और देश दोनों के लिए नुकसानदायक हैं।

कार्यक्रम के दौरान पायलट अपने पिता और किसान नेता राजेश पायलट को याद करते हुए भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि राजेश पायलट ने हमेशा किसानों, गरीबों और आमजन के अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि जनसेवा, साहस और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

सभा में पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि यदि मानेसर प्रकरण को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनका और अशोक गहलोत दोनों का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। मीणा ने दावा किया कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिनसे यह सामने आ सकता है कि बीटीपी, निर्दलीय और भाजपा विधायकों को किस प्रकार समर्थन के लिए साधा गया था। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पार्टी के भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार करने की अपील भी की।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में अशोक गहलोत ने 25 सितंबर 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कहा था कि वह बगावत कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ नहीं, बल्कि सचिन पायलट के खिलाफ थी। इसके बाद से कांग्रेस के भीतर पुराने विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

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