युवक की मारपीट के बाद गला दबाकर हत्या करने का आरोप, वबाल

--क्षेत्र के गांव पुसैनी में दलित युवक की मारपीट के बाद गला दबाकर हत्या करने का आरोप

--अफसरों के समझाने, बुझाने पर पांच घंटे बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका शव

--भीम आर्मी सहित तमाम लोग गांव पहुंचे, कई घंटे तक गर्म रहा माहौल

हाथरस, 19 मई (हि.स.)। कोतवाली क्षेत्र के पुसैनी गांव में दलित युवक की गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। जातिगत तनाव और माहौल बिगड़ने की आशंका के बीच परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव को करीब 5 घंटे तक सड़क से उठने नहीं दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस फोर्स और महिला पुलिस को तैनात करना पड़ा। अधिकारियों के कड़े आश्वासन के बाद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

जानकारी के अनुसार, पुसैनी गांव निवासी राजकुमार सागर पुत्र बाबूलाल ने सादाबाद कोतवाली में इस मामले की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। राजकुमार ने बताया कि वे अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं। आरोप के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 7 बजे गांव के ही जीतू पुत्र पप्पू सिंह ने उनके चचेरे भाई पंकज को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद सुबह करीब 9 बजे जीतू, शैलेंद्र पुत्र पप्पू सिंह, छोटे पुत्र जुगेंद्र सिंह और शिवा पुत्र डोरीलाल पंकज को अपने साथ बुलाकर ले गए। आरोप है कि इन चारों आरोपितों ने पंकज को कोई जहरीला या नशीला पदार्थ पिला दिया। जब वह अचेत हो गया, तो करीब साढ़े 9 बजे आरोपित उसे मरा समझकर उसके घर छोड़ गए। लेकिन जब घर के अंदर राकेश पुत्र हीरालाल, आशा पत्नी राकेश और चित्रा पत्नी प्रमोद पहुंचे और उन्हें पता चला कि पंकज की सांसें अभी चल रही हैं। वह जीवित है तो उन्होंने कथित तौर पर उसका गला दबाकर उसे हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। गांव की दो महिलाओं- सोमवती पत्नी सुरेशचंद और सुनीता पत्नी विजयपाल ने इन आरोपितों को पंकज के घर से संदिग्ध हालत में निकलते हुए देखा था। आरोप है कि जब महिलाओं ने इस बात का विरोध किया और शोर मचाया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें अपमानित किया और दोबारा बोलने पर जान से मारने की धमकी दी।

इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से पीड़ित दलित परिवार और पूरे इलाके में भारी दहशत और भय का माहौल बना हुआ है। दलित युवक की इस तरह हुई हत्या की खबर मिलते ही भीम आर्मी और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव को उठाने से साफ इनकार कर दिया और 5 घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में कई थानों की पुलिस के साथ पहुंचे अधिकारियों ने जब परिजनों को समझाया और तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाकर शव को पंचनामे के लिए भेजा गया।

सीओ एएम अस्थाना ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर जीतू, शैलेंद्र समेत सभी सात आरोपितों के खिलाफ हत्या और एससी एसटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

---------------

   

सम्बंधित खबर