आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब सीटू ने जनगणना ड्यूटी के नाम पर आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों पर कर्मचारी कानून लागू करने की कथित कार्रवाई का विरोध किया है। यूनियन की ओर से जारी बयान में सूबा प्रधान हरजीत कौर पंजोला, जनरल सचिव सुभाष राणी और वित्त सचिव अमृतपाल कौर ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई की धमकियां दी जा रही हैं, जिसकी वे कड़ी निंदा करते हैं। यूनियन ने बताया कि इस संबंध में विभागीय मंत्री डॉ. बलजीत कौर और विभाग के प्रमुख सचिव गुरकीरत किरपाल सिंह को मांग-पत्र दिया गया है। सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को भी लिखकर ड्यूटी न लगाने का आग्रह किया गया था और आश्वासन के बावजूद वर्करों पर ड्यूटी का दबाव बनाया जा रहा है। बयान के अनुसार वर्करों के पास कार्य के लिए मोबाइल नहीं हैं, जबकि सरकार ने मोबाइल देने का वादा किया था। यूनियन ने कहा कि आईसीडीएस के तहत आंगनवाड़ी कर्मी औनेरीयम वर्कर हैं, नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं, इसलिए उन पर सरकारी कर्मचारियों जैसी कानूनी या विभागीय कार्रवाई लागू नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान, प्री-स्कूल शिक्षा, गर्भवती महिलाओं व बच्चों की देखभाल और मावां धीयां सत्कार योजना के फॉर्म भरने जैसी जिम्मेदारियों के बीच अतिरिक्त जनगणना ड्यूटी और परचे की धमकियां अनुचित हैं।

