पठानकोट-जुगियाल जर्जर मार्ग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा:अधूरे निर्माण व 5 इंच गहरे किनारों से हो रहे हादसे, PWD के खिलाफ प्रदर्शन

जुगियाल-पठानकोट मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति और निर्माण कार्य की कछुआ चाल को लेकर क्षेत्र के लोगों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। गांव घो मोड़ से कानपुर तक सड़क का निर्माण कार्य अधूरा छोड़े जाने के विरोध में भारी संख्या में ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी गहरी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि कागजी आश्वासनों के बजाय धरातल पर काम शुरू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द सुरक्षित और पूरा नहीं बनाया गया, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। दोपहिया वाहनों के लिए 'सड़क' बनी आफत, 3 इंच का आया अंतर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे परमाल सिंह, हरदीप सिंह, मनीष कुमार, योगराज, निंदा, अंकुश रसवान, जसविंदर सिंह और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा करवाया जा रहा यह काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। विभाग ने लापरवाही की हदें पार करते हुए सड़क का एक हिस्सा तो बना दिया, लेकिन दूसरा हिस्सा वैसे ही छोड़ दिया। ड़क का एक हिस्सा बनने और दूसरा अधूरा रहने के कारण दोनों के बीच लगभग दो से तीन इंच का ऊंचाई का अंतर (लेवल डिफरेंस) आ गया है। इस असंतुलन की वजह से वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है और वे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बिना मिट्टी के छोड़े किनारे, हो चुके हैं कई हादसे ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली का दूसरा पहलू उजागर करते हुए बताया कि सड़क के दोनों किनारों पर अभी तक मिट्टी नहीं डाली गई है। इस वजह से मुख्य सड़क और किनारों के बीच चार से पांच इंच का गहरा गड्ढा बन चुका है। यदि रात के अंधेरे में या सामने से आ रहे किसी वाहन को रास्ता देने के लिए कोई गाड़ी थोड़ी भी नीचे उतरती है, तो उसका पलटना लगभग तय है। लोगों का आरोप है कि इस लापरवाही के कारण कई छोटे-बड़े सड़क हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। तारकोल की कमी के कारण रुका काम: SDO इस पूरे मामले को लेकर जब लोक निर्माण विभाग के एस.डी.ओ. (SDO) परविंदर सिंह से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण कार्य बंद होने का मुख्य कारण फिलहाल तारकोल (बिटुमेन) की कमी है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि जैसे ही तारकोल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी या संबंधित प्लांट दोबारा चालू होगा, सड़क का बाकी काम तुरंत पूरा कर दिया जाएगा। इसके अलावा सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी डालकर उन्हें समतल भी किया जाएगा

   

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