रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में लापरवाही पर बिजली लोकपाल सख्त

चंडीगढ़, 21 जून (हि.स.)। हरियाणा के बिजली लोकपाल राकेश कुमार खन्ना ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को 15 दिन के भीतर उपभोक्ता से वसूल की जाने वाली बकाया राशि का ब्यौरा तय करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश गुरुग्राम निवासी करमचंद गोगिया द्वारा दायर अपील की सुनवाई के दौरान पारित किया गया।

सुनवाई में लोकपाल ने पाया कि डीएचबीवीएन के अधिकारी कई अवसर दिए जाने के बावजूद पुराने बिजली कनेक्शन से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड, एम एंड पी जांच रिपोर्ट, लेजर विवरण तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं।

अंतरिम आदेश में लोकपाल ने कहा कि रिकॉर्ड के स्थानांतरण अथवा बिलिंग एजेंसी बदलने का तर्क निगम को अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं करता। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली लोकपाल ने डीएचबीवीएन के निदेशक (ऑपरेशन), हिसार को निर्देश दिए हैं कि वह अपने कार्यालय अथवा किसी उपयुक्त स्थान पर एक विशेष समन्वय बैठक अथवा शिविर आयोजित करें। इस बैठक की अध्यक्षता कॉरपोरेट उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (सीजीआरएफ), यूएचबीवीएन के अध्यक्ष करेंगे।

लोकपाल ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी तब तक कार्य करेंगे जब तक कि उपलब्ध दस्तावेजों और उचित तर्कों के आधार पर अंतिम एवं ऑडिटेड आंकड़ा निर्धारित नहीं हो जाता। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को बिजली लोकपाल, हरियाणा के पंचकूला स्थित कार्यालय में होगी।

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