डिजिटल अरेस्ट मामले में मप्र के मुरैना से दो चचेरे भाई गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े ठगी के तार
- DSS Admin
- Jul 04, 2026
भोपाल/ग्वालियर, 04 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में सेवानिवृत्त महिला स्वास्थ्य कर्मचारी से 1.58 करोड़ रुपये के डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुरैना के पोरसा से दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय चाइनीज नेटवर्क से जुड़े हैं, जो ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में तब्दील कर विदेश भेजते थे।
साइबर पुलिस के अनुसार दोनों चचेरे भाइयों की गिरफ्तारी शुक्रवार रात हुई। ठगी का यह सनसनीखेज मामला ग्वालियर के जनकगंज इलाके का है, यहां की निवासी रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन मीनाक्षी नाखरे को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया। ठगों ने खुद को सीबीआई और ईडी का आला अधिकारी बताते हुए उन्हें वीडियो कॉल के जरिए 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' कर लिया था। आरोपितों ने महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने और जेल भेजने का ऐसा खौफ दिखाया कि उन्होंने डर के मारे अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी और अलग-अलग बैंकों की एफडी तुड़वाकर कथित जांच के नाम पर 1.58 करोड़ रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
साइबर पुलिस ने जब इस बड़ी रकम के ट्रांजेक्शन और बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो ठगी के 4 लाख रुपये मुरैना के पोरसा निवासी राहुल तोमर के खाते में ट्रांसफर होने की बात सामने आई। पुलिस ने जब राहुल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसने महज थोड़े से कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता अपने चचेरे भाई रोहित तोमर को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया था। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य सूत्रधार रोहित तोमर को भी दबोच लिया। रोहित ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि वह टेलीग्राम एप के जरिए एक विदेशी (चाइनीज) नेटवर्क के सीधे संपर्क में था। ठगी की जो भी रकम खातों में आती थी, उसे वह बाइनेंस प्लेटफॉर्म के जरिए यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर आगे ट्रांसफर कर देता था।
साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों के कब्जे से ठगी और वित्तीय हेरफेर में इस्तेमाल होने वाले 10 एटीएम कार्ड, 3 चेकबुक, 2 मोबाइल फोन और 3 सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस की यह दूसरी बड़ी कामयाबी है। इससे पहले पुलिस महाराष्ट्र के नासिक से एक लोहा कारोबारी को भी गिरफ्तार कर चुकी है, जिसके बैंक खाते में ठगी की रकम की पहली किश्त जमा कराई गई थी।
डीएसपी साइबर मनीष यादव ने मामले के बारे में बताया कि मुरैना से पकड़े गए दोनों चचेरे भाइयों को अदालत से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के इंटरनेशनल इनपुट और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। इसके साथ ही, जिन अन्य बैंक खातों में राशि को ट्रांसफर या लेयरिंग किया गया है, उन सभी बैंक खातों को फ्रीज कराने और उनके धारकों तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
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